Today Panchang: आज का पंचांग, 21 दिसंबर 2022, बुधवार
दिशाशूल उत्तर दिशा में रहेगा। इसलिए उत्तर की ओर यात्रा करना टालें। आवश्यक हो तो थोड़े से तिल खाकर घर से प्रस्थान करें। भगवान श्रीगणेश के दर्शन करें।

Aaj Ka Panchang: आज पौष मास की त्रयोदशी रात्रि और दिन बुधवार है। आज उत्तम शिक्षा और ज्ञान प्राप्ति के लिए मां सरस्वती के चित्र या मूर्ति के सामने एक कटोरी में जल भरकर रखें। इसके बाद स्फटिक की माला से एक माला ऊं ऐं मंत्र का जाप करें। यह पानी पीने से बौद्धिक विकास होता है और ज्ञान की प्राप्ति होती है। यहां पेश है आज का पंचांग, जिसमें शुभ-अशुभ योग देखकर पूरे दिन की प्लानिंग कर लीजिए।
आज का पंचांग
- विक्रम संवत : 2079
- शालिवाहन शके : 1944
- पौष मास कृष्ण पक्ष
- ऋतु : शिशिर
- अयन : दक्षिणायन
- तिथि : त्रयोदशी रात्रि 10.15 तक, प्रदोष व्रत
- नक्षत्र : विशाखा प्रात: 8.32 तक पश्चात अनुराधा
- योग : धृति रात्रि 9.24 तक
- करण : गर प्रात: 11.35 तक
- सूर्योदय : प्रात: 7.03.43
- सूर्यास्त : सायं 5.45.44
- दिनकाल : 10 घंटे 42 मिनट 00 सेकंड
- रात्रिकाल : 13 घंटे 18 मिनट 29 सेकंड
- चंद्रास्त : दोपहर 3.44
- चंद्रोदय : दूसरे दिन प्रात: 5.41
शुभ समय दिन के
- लाभ : प्रात: 7.04 से 8.24
- शुभ : प्रात: 11.04 से दोप. 12.25
- लाभ : सायं 4.25 से 5.46
शुभ समय रात्रि के
- शुभ : सायं 7.26 से रात्रि 9.05
- अमृत : रात्रि 9.05 से 10.45
त्याज्य समय
- राहु काल : दोप. 12.25 से 1.45
- यम घंट : प्रात: 8.24 से 9.44
आज विशेष :
- आज का शुभ रंग : हरा, सफेद
- आज के पूज्य देव : मां सरस्वती, श्री गणेश
- आज का मंत्र : ऊं ऐं
आज की ग्रह स्थिति
- सूर्य राशि : धनु
- चंद्र राशि : वृश्चिक
- मंगल : वृषभ राशि में
- बुध : धनु राशि में
- गुरु : मीन राशि में
- शुक्र : धनु राशि में
- शनि : मकर राशि में
- राहु : मेष राशि में
- केतु : तुला राशि में
दिशाशूल
दिशाशूल उत्तर दिशा में रहेगा। इसलिए उत्तर की ओर यात्रा करना टालें। आवश्यक हो तो थोड़े से तिल खाकर घर से प्रस्थान करें। भगवान श्रीगणेश के दर्शन करें।
आज का विशेष उपाय
- उत्तम शिक्षा और ज्ञान प्राप्ति के लिए मां सरस्वती के चित्र या मूर्ति के सामने एक कटोरी में जल भरकर रखें। इसके बाद स्फटिक की माला से एक माला ऊं ऐं मंत्र का जाप करें। यह पानी पीने से बौद्धिक विकास होता है और ज्ञान की प्राप्ति होती है।
- हरित गणेश का पूजन करें। गणेशजी को 108 दूर्वा अर्पित करें।
- प्रदोष व्रत करें। प्रदोषकाल में शिवजी का पूजन करें।












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