यूपी के सीएम अखिलेश यादव के लिये कैसा रहेगा 2016?
[पं. अनुज के शुक्ल] लगभग बीस करोड़ की अबादी वाले उत्तर प्रदेश की गरीबी, अशिक्षा, अपराध, महिलाओं की सुरक्षा, किसानों की खुशहाली, बेगुनाहों की फरियाद, विकास का वादा और नौंवजवानों की उम्मीद आदि। इन सभी की आशाओं का बोझ मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के कंधों पर है। अखिलेश के कंधे इतने कमजोर भी नहीं है, जो यूपी की जनता की अपेक्षाओं को पूरा न कर सकें।
अखिलेश को सीएम बनें हुये 3 वर्ष पूरे होने वाले हैं और इन वर्षों में अखिलेश की कार्य शैली ईमानदार, परिश्रमी व बेदाग छवि वाली प्रतीत हुयी है। बीते हुये सालों में अखिलेश ने कई सारे वादे पूरे करके विभिन्न क्षेत्रों में विकास की लहर दौड़ाई है। आइये देखते हैं नये साल पर क्या कह रहें हैं अखिलेख के ग्रह-नक्षत्र?
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प्रतिभा के नक्षत्र व नौजवानों के भविष्य अखिलेश यादव ने 15 मार्च 2012 को प्रातः 11:34 मि0 पर यूपी की कमान अपने हाथों में ली थी। समय कुण्डली के अनुसार उस समय मिथुन लग्न उदित हो रही थी। आपकी की कुण्डली का वर्षेश शनि है, जो वर्ष कुण्डली में दशम भाव में बैठा है एंव समय कुण्डली में उच्च का होकर पंचम भाव पर कब्जा जमाये हुये हैं। इस आधार पर इस साल आप महत्वकांक्षी योजनाओं को साकार रूप दे पायेंगे।
अखिलेश यादव वर्ष 2016 में उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने के लिए बेहतर से बेहतर प्रयास करेंगे। नौजवानों, महिलाओं व किसान वर्ग को नये साल पर विशेष तोफा मिल सकता है। पोषण, प्राथमिक शिक्षा, महिला सुरक्षा, कृषि और कल्याणकारी कार्यो को करने में किसी प्रकार की कोई कोताही नहीं बरतेगे। इलेक्ट्रानिक विनिमार्ण, आइटी क्षेत्र, सोलर पार्को की स्थापना, सौर ऊर्जा, संचार, रेलवे, सड़क व बिजली के क्षेत्र में बेहतर सुधार करेंगे। फिल्म निर्माण सम्बन्धी गतिविधियों के साथ-साथ राज्य की प्रगति और सम्भावनाओं पर विशेष फोकस करके उत्तर प्रदेश को विकास के पथ पर ले जाने में कामयाब होंगे।
इसके अलावा क्या-क्या संभव है, चलिये पढ़ते हैं स्लाइडर में-

15 जनवरी से 13 फरवरी के मध्य
सूर्य मकर राशि में रहेगा। अतः नव ऊर्जा का संचार होगा जिससे आप-अपनी महत्वाकांक्षी योजना पर विशेष बल देंगे। लेकिन शनि अष्टमेश है जिस कारण परियोजनाओं में बाधायें भी आयेंगी।

13 फरवरी से 15 मार्च के मध्य
सूर्य कुम्भ राशि में गोचर करेगा। सूर्य आपके भाग्य भाव में रहेगा जिससे आपका भाग्य पक्ष साथ देगा और प्रशासनिक कार्य प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए बेहतर प्रयास करेंगे। महिलाओं की सुरक्षा के लिए और भी बेहतर प्लान बनेंगे।

15 मार्च से 14 अप्रैल के मध्य
सूर्य मीन राशि में रहेगा। मीन का सूर्य आपके दशम भाव में रहेगा। दशम भाव राज्य का संकेतक भाव है। जिस कारण आप प्रदेश की स्वच्छ व विकासवादी छवि बनाने के लिए मन्त्रिमण्डल में फेरबदल कर सकते हैं।

14 अप्रैल से 15 मई के मध्य
सूर्य मेष राशि में भ्रमण करेगा। मेष का सूर्य आपके लाभ भाव में गोचर करेगा। इस समय राजनैतिक व व्यसायिक लोगों से आपके गहरे सम्बन्ध बनेंगे। प्रदेश में विदेशी निवेश बढ़ेगा जिससे रोजगार में वृद्धि होगी। नवजौवनों और महिलाओं के लिए लाभकारी योजनायें बनाई जा सकती है।

15 मई से जून के मध्य
सूर्य वृष राशि में भ्रमण करेगा। इस समय सूर्य आपके 12वें भाव में रहेगा जिससे परियोजनाओं में वित्तीय संकट आयेगा, विरोधियों के कारण मन में उथल-पुथल रहेगी।

15 जून से 17 जुलाई के मध्य
सूर्य मिथुन राशि में भ्रमण करेगा। मिथुन का सूर्य आपके लग्न भाव में गोचर कर रहा है। लग्न का सूर्य आपकी उलझने बढ़ा सकता है। सूझ-बूझ से काम लेने की जरूरत नजर आ रही है। किसनों को बिचैलिया वर्ग से बचाने के लिए कुछ ठोस कदम उठाये जा सकते हैं।

17 जुलाई से 17 अगस्त के मध्य
सूर्य कर्क राशि में रहेगा। कर्क राशि जलीय राशि है। प्रशासनिक कमजोरी की वजह से आपको विपक्षी घेरे रह सकते हैं। पारिवार व पार्टी की गतिविधयों पर विशेष नजर रखने की आवश्यकता है।

17 अगस्त से 17 सितम्बर के मध्य
सूर्य सिंह राशि में भ्रमण करेगा। जो आपके तृतीय भाव में रहेगा। आप पराक्रम व साहस के बल पर हर चुनौती को बेहतर तरीके से साल्ब कर लेंगे। आपके कार्यो की प्रशंसा होगी जिससे आपका पार्टी में कद बढ़ेगा। युवा ब्रिगेड को विशेष रूप प्रशिक्षण देकर तैयार किया जा सकता है।

17 सितम्बर से 17 अक्टूबर के मध्य
सूर्य कन्या राशि में भ्रमण करेगा। कन्या का सूर्य शिक्षा में सुधार हेतु कुछ विशेष योजनायें बनवा सकता है। आपके द्वारा किये गये विकास से विपक्षी निरूत्तर होंगे। आपके द्वारा किये गये कार्यो प्रतिष्ठित व सम्मानित लोग प्रशंसा करेंगे।

17 अक्टूबर से 17 नवम्बर के मध्य
सूर्य तुला राशि में रहेगा। तुला का सूर्य आपके पंचम भाव में भ्रमण करेगा। हलाॅकि इस समय सूर्य अपनी नीच अवस्था में रहेगा जिससे राजनैकित उतार-चढ़ाव की स्थितियाॅ बनी रह सकती है। पंचम भाव जनता का संकेतक भाव भी होता है। इसलिए जनता से जुड़ी समस्यायें हावी रह सकती है।

17 नवम्बर से 15 जनवरी के मध्य
सूर्य वृश्चिक और धनु राशि में गोचर करेगा। इस समय अपराध, बलात्कार, हिंसा, आतंकवाद, दंगा आदि पर काबू पाने के लिए ठोस व कठोर कदम उठाने पड़ सकते हैं।












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