14 अप्रैल को सूर्य करेगा मेष संक्रान्ति में प्रवेश, जानिए क्या कहते हैं सितारे
सूर्य आत्मा है सूर्य जीवन है और सूर्य से ही प्रतिष्ठा है। 14 अप्रैल को अपरान्ह 01 बजकर 43 मिनट पर सूर्य मीन राशि से निकलकर अपनी उच्च की राशि मेष में गोचर करना प्रारम्भ करेगा। सूर्य के मेष राशि में गोचर करते ही खरमास समाप्त हो जायेगा और अच्छे दिन शुरू हो जायेंगे। यानि विवाह आदि मांगलिक कार्य 15 अप्रैल से शुरू हो जायेंगे।
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सूर्य के मीन राशि में गोचर करने से द्वादश राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा आईया जानते हैं नीचे की स्लाइडों में...

मेष
आपके प्रथम भाव में सूर्य गोचर करने से शारीरिक उर्जा में वृद्धि होगी। रूके हुये कार्य सम्पन्न होंगे। जीवन साथी से चले आ रहे तनाव में कमी आयेगी। गर्मी के बढ़ते प्रकोप से बचना होगा अन्यथा रोग के चपेट में आ सकते है।

वृष
सूर्य आपके द्वितीय भाव में भ्रमण करेगा इसलिए परिवार सम्बन्धी कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। कुछ लोगों को अपने मनपसन्द भोजन की प्राप्ति होगी। ससुराल पक्ष से तीखी-मीठी नोंक-झोक होने की आशंका है। बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर बेहद सतर्क रहने की जरूरत है।

मिथुन
तृतीय भाव में सूर्य के गोचर करने से पराक्रम व साहस में वृद्धि होगी। लेखन से जुड़े लोगों के लिए समय नयें अवसर लेकर आयेगा। छोटे भाईयों से तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। भाग्य पक्ष में वृद्धि होने से कार्याे में तेजी आयेगी।

कर्क
चतुर्थ खाने में सूर्य के भ्रमण करने से वाहन सुख की प्राप्ति हो सकती है। घर से दूर की यात्रा करनी पड़ सकती है। निज सम्बन्धों में सक्रियता बनायें रखें। घर-परिवार में सुखद वातावरण बना रहेगा। खान-पान पर विशेष ध्यान दें वरना रोग हो सकता है।

सिंह
सूर्य पंचम भाव में गोचर करेगा। आपकी मानसिक उर्जा में वृद्धि होगी। आपकी सकारात्मक सोंच प्रगति के नयें-2 रास्ते खोजेगी। छात्रों के लिए यह समय अत्यन्त उपयोगी साबित होगा। धन की स्थिति अच्छी रहेगी। व्यर्थ की भागदौड़ भी करनी पड़ सकती है।

कन्या
छठे भाव का सूर्य विरोधियों को परास्त करेगा तथा मामा पक्ष से सहयोग मिलने की भी उम्मीद है। नौकरी के लिए प्रयासरत जातकों के लिए समय अनुकूल है पर मेहनत को नजरअंदाज कतई न करें। निर्णयों में तीव्रता लाने की आवश्यकता है।

तुला
सप्तम भाव का सूर्य वैवाहिक जीवन के लिए शुभ नहीं है। एक-दूसरे पर बेवजह की आशंका करने से रिश्तों में दूरियाॅ बढ़ सकती है। वाहन की गति को नियन्त्रण में रखें अन्यथा चोट-चपेट लगने की आशंका नजर आ रही है।

वृश्चिक
अष्टम भाव का सूर्य आपको मिला-जुला फल देगा। कुछ लोगों को ससुराल से लाभ करायेगा तो कुछ लोगों के गुप्त रहस्य भी उजागर हो सकते है। पेट के रोगियों को अपने खान-पान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

धनु
नवम भाव का सूर्य आपकी कार्य योजनाओं में प्रगति करायेगा। धार्मिक कार्यो में धन का खर्च होगा। पिता के साथ मधुर रिश्ते बनाकर चलें तभी स्वराशि के सूर्य का लाभ मिलेगा। विदेश जानें के इच्छुक व्यक्तियों को बीजा व पासपोर्ट आदि के कार्यो में सफलता मिलेगी।

मकर
दशम भाव का सूर्य कुछ लोगों के पद, प्रतिष्ठा में वृद्धि करायेगा। पिता का साथ व सहयोग मिलने से आपके कार्य आसान होंगे। घर-गृहस्थी में सामंजस्य बनाकर चलने की आवश्यकता है। धन आयेगा किन्तु उसके दुरूप्रयोग से बचने की जरूरत है।

कुम्भ
एकादश भाव का सूर्य आय के नयें स्रोत खोलेगा। मित्रों के साथ मनोरंजन के पल व्यतीत होंगे। कुछ लोगों को बेहतर काम के लिए पुरस्कार आदि मिलने की सम्भावना है। अपनी राय को दूसरों पर थोपने का प्रयास न करें।

मीन
द्वादश का भाव सूर्य सुखद अहसास नहीं करायेगा। कहीं पर खर्चे करायेगा तो कहीं पर रोग में वृद्धि करायेगा। अधिक रात्रि जागरण से मानसिक तनाव उत्पन्न होगा। परदेश में रहने वाले लोगों को कष्ट उठाना पड़ सकता है।












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