धनतेरस: राशियों के हिसाब से करें धनवंतरि की पूजा
'धनतेरस' सुख, धन और समृद्धि का त्योहार माना जाता है। इस दिन 'धनवंतरि' की पूजा की जाती है।
त्रयोदशी के दिन स्वास्थ्य के देवता धनवंतरि का जन्मोत्सव मनाया जाता है। कहा गया है कि पहला सुख जब सुन्दर काया अर्थात स्वस्थ्य शरीर ही आपका खजाना है। धन, दौलत, मकान, वाहन, कैरियर आदि बनाना आसान है, किन्तु आज की फास्ट-फूड पर आधारित जीवनशैली में शरीर को स्वस्थ्य रख पाना किसी चुनौती से कम नहीं है।
इसलिए राशियों के मुताबिक करें धनवंतरि देव का पूजन और पायें स्वस्थ शरीर
- मेष-इस राशि के लोग धनवंतरि देव का चित्र रख कर विधिवत पूजन करें एंव गुड़ एंव छुआरे का भोग लगायें।
- वृष-खीर में इलायची व केसर डालकर धनवंतरि देव का पूजन करने का भोग लगाकर रोग नष्ट होगा और धन-धान्य से आप परिपूर्ण होंगे।
- मिथुन- सौंफ, गोरोचन व शहद से धनवंतरि देव का पूजन करने का भोग लगाकर रोग का शमन होगा।
- कर्क-सफेद सुहागा, मिश्री और घी से धनवंतरि देव का पूजन करने का भोग लगाकर रोग समाप्त होगा।
- सिंह-गुलाब जल, गुड़ व बादाम से धनवंतरि देव का पूजन करने का भोग लगाकर रोग का नाश होगा।
- कन्या-पिपली, शहद एंव मिश्री से धनवंतरि देव का पूजन करने का भोग लगाकर रोग नष्ट होगा।
- तुला-ईसबगोल की भूसी, शहद व दही का भोग लगाकर धनवंतरि देव का पूजन करने से रोग खत्म होंगे।
- वृश्चिक-लाल चन्दन, गुलाब फूल, गुड़ व बादाम का भोग लगाकर धनवंतरि देव का पूजन करने से रोग का नाश होगा।
- धनु-दूध, हल्दी, पीले फूल व गोंद का भोग लगाकर धनवंतरि देव का पूजन करने से रोग का शमन होगा।
- मकर-तिल, गोंद व शिलाजीत का भोग लगाकर धनवंतरि देव का पूजन करने से रोग नष्ट होंगे।
- कुम्भ-लौंग, लौह भस्म, व तिल का भोग लगाकर धनवंतरि देव का पूजन करने से रोग समाप्त होगा।
- मीन-केसर, चिरौंजी, मिश्री, व शहद का भोग लगाकर धनवंतरि देव का पूजन करने से रोग समाप्त होंगे।
नोट-उपरोक्त उपाय को श्रद्धा पूर्वक करने से लाभ अवश्य होगा। धनवंतरि देव को अर्पित प्रसाद स्वंय जरूर ग्रहण करें।













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