Astro Tips: जानिये कैसा होगा कन्या का पति?

प्रत्येक कन्या के मन में यह जिज्ञासा रहती है कि उसका होने वाले पति कैसा होगा? उसका स्वभाव कैसा होगा ? क्या उसका पति उससे प्रेम करेगा या नहीं ? ऐसे अनगिनत सवाल युवतियों के मन में आते है। जन्मपत्री में 12 भाव होते है, जिनमें से हर भाव का अपना विशेष प्रभाव व महत्व है।

जानिए शादी से पहले कुंडली मिलाना क्यों जरूरी है?

सप्तम भाव जीवन साथी से सम्बन्धित होता है। अतः इन सभी सवालों का जवाब जन्मपत्री के सप्तम भाव से ज्ञात किया जा सकता है। नीचे की स्लाइडो पर क्लिक कीजिये और जानिए अपने होने वाले पति के बारे में..

पति व्यसनी

पति व्यसनी

यदि सप्तम भाव का स्वामी राहु से पीड़ित हो तो कन्या का पति व्यसनी होगा अर्थात शराबी, जुंआरी व चरित्रहीन होगा।

अपने मन ने शादी

अपने मन ने शादी

सप्तमेश लग्न में हो तो ऐसी कन्या अपने विवेक से विवाह करती है।

लाभ की सम्भावना कम

लाभ की सम्भावना कम

सप्तम भाव का स्वामी नीच का होकर बैठ जाये तो उसे अपने पति लाभ की सम्भावना कम रहती है।

व्यापारी व राजनैतिक

व्यापारी व राजनैतिक

सप्तम भाव का स्वामी दशम भाव में उच्च का होकर बैठा हो तो ऐसी कन्या का पति मोटे शरीर वाला व्यापारी व राजनैतिक होता है।

कामचोर व दूसरों पर दोषारोपण करने वाला

कामचोर व दूसरों पर दोषारोपण करने वाला

सप्तम भाव में सूर्य, बुध व शुक्र हो तो ऐसी कन्या का पति आलसी, कामचोर व दूसरों पर दोषारोपण करने वाला होता है। कुल मिलाकर सुयोग्य नहीं होता है।

सामान्य व परिश्रमी

सामान्य व परिश्रमी

यदि सप्तमेश अष्टम भाव में हो तो विवाह देर से होगा व पति का रंग सामान्य व परिश्रमी होगा।

विवाह देरी से

विवाह देरी से

सप्तमेश षष्ठम भाव में हो तो कन्या का विवाह देरी से होगा, बाधायें आयेंगी और पति के रोगी रहने की आशंका भी रहती है।

कन्या का प्रेम विवाह

कन्या का प्रेम विवाह

सप्तमेश, पंचमेश व लग्नेश की युति हो तो कन्या का प्रेम विवाह होता है।

विवाह बहुत अधिक उम्र में

विवाह बहुत अधिक उम्र में

सप्तमेश शनि चन्द्र युति हो तो कन्या का विवाह बहुत अधिक उम्र में होता है या फिर विवाह ही नहीं होगा।

पति से संबन्ध विच्छेद

पति से संबन्ध विच्छेद

सप्तमेश केतु मंगल के साथ हो तो कन्या का अपने पति से संबन्ध विच्छेद हो सकता है।

विवाह के पश्चात अक्सर तनाव

विवाह के पश्चात अक्सर तनाव

सप्तम भाव को शनि देखे व साथ में मंगल भी हो तो कन्या का पति ठीक नहीं होगा। विवाह के पश्चात अक्सर तनाव रहेगा।

कन्या का पति सदाचारी

कन्या का पति सदाचारी

लग्नेश व सप्तमेश की युति शुभ ग्रहों से हो और सप्तम भाव पर किसी पाप ग्रह की दृष्टि न हो तो कन्या का पति सदाचारी व पत्नी को चाहने वाला होता है।

कन्या का पति चरित्रवान, धैर्यशील, कर्मशील

कन्या का पति चरित्रवान, धैर्यशील, कर्मशील

यदि कन्या कुण्डली में सप्तम भाव में शनि बैठा है तो कन्या का पति चरित्रवान, धैर्यशील, कर्मशील व अपनी पत्नी का सहयोग करने वाला होगा।

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