कुंडली तो कहती है कि सोनिया का कोई बाल भी बांका नहीं कर सकता
श्रीमती सोनिया गाँधी का जन्म 9 दिसंबर, 1946 को रात्रि 9.15 बजे इटली के तुरीन में हुआ था। जन्म 9/12/1946 को इटली के वेनेटो क्षेत्र में पड़ने वाले विकैंजा नामक स्थान से 30 किमी. की दूरी पर स्थित एक छोटे से गांव लुसियाना में हुआ था।इनकी राशि मिथुन है। कर्क लग्न में हुआ था।
इनकी कुंडली में मालव्य महापुरुष योग, बुधादित्य योग, सुनफा योग, उभयचर योग, काहल योग, अमर योग, धन योग और दान योग हैं। सोनिया गांधी की कुंडली में कर्क लग्न है जिसे कुशल राजनीतिज्ञों का लग्न माना जाता है। लग्न में बैठा हुआ शनि भी जातक को कूटनीतिज्ञ तथा कुशल प्रशासक बनाता है।
चंद्र कुंडली से पंचम भाव में विराजमान गुरु व शुक्र ने भी इन्हें राजनीति का पंडित बनाया। यदि चर लग्न हो और गुरु, शुक्र तथा शनि केंद्रों में हों तो अंशावतार योग होता है। ऐसा जातक बहुत बड़ी शखिसयत होता है और उसे युग पुरुष माना जाता है। सोनिया की जन्मकुंडली में शनि वक्री होकर लग्न में स्थित है। वर्तमान समय में वह बुध ग्रह कहीं महादशा में शनि ग्रह की अंतर्दशा से गुजर रही है। शनि सप्तमेश व अष्टमेश है। गुरु षष्टेश व भाग्येश है। ऐसे में इस अंतर्दशा में इनकी प्रतिष्ठा निरंतर बढ़ती नजर आती है।
इन्होंने अपनी किशोरावस्था के समय ट्यूरिन के समीप ओर बासानो नामक स्थान पर रोमन कैथोलिक स्कूल में पढ़ाई की। इनके पिता एक विल्डिंग कॉन्ट्रेक्टर थे जिनकी वर्ष 1983 में मृत्यु हो गई। इनकी मां और दो बहनें ओरवासानो के आस पास ही रहती हैं। वर्ष 1964 में वे इंग्लिश पढ़ने के लिए कैंब्रिज गई जहां सन् 1965 में इनकी मुलाकात राजीव गांधी से एक ग्रीक रेस्टॉरेंट में हुई।
सोनिया और राजीव ने वर्ष 1968 में विवाह कर लिया और इस प्रकार इनका पदार्पण इनकी सास व तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रमति इंदिरा गांधी के घर हुआ। वर्ष 1970 में इन्होंने बेटे राहुल गांधी तथा 1972 में पुत्री प्रियंका गांधी को जन्म दिया।
प्रभावशाली नेहरु परिवार के सदस्य होने के बावजूद भी सोनिया व राजीव गांधी ने अपने आपको राजनीति से पूर्णतया दूर रखा। राजीव गांधी एयरलाइन पायलट का कार्यभार संभाला व सोनिया गांधी ने घर की देख रेख का जिम्मा संभाला। 23 जून 1980 को एक हवाई हादसे में संजय गांधी की मृत्यु हो जाने पर सन् 1982 में राजीव गांधी ने राजनीति में प्रवेश किया।
सोनिया ने परिवार की देखभाल करना जारी रखा और जनता से किसी भी प्रकार का संपर्क न रखा। सोनिया गांधी का भारतीय जनता से संपर्क शुरू हुआ उनकी सास श्रीमति इंदिरा गांधी की हत्या तथा पति के प्रधानमंत्री चुने जाने के बाद। 1984 में सोनिया गांधी ने अपने पति के अमेठी से चुनाव लड़ने के समय राजीव गांधी का जोरदार चुनाव प्रचार किया। उस समय राजीव के विरूद्ध उनके स्वर्गीय भाई की पत्नी मेनका गांधी चुनाव में उतरी थी।
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स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें...
सोनिया गाँधी की कुंडली में द्वितीय भाव का सिंह राशि का स्वामी सूर्य पंचम भाव में है। शुक्र ग्रह की दशम भाव पर पूर्ण दृष्टि है। नतीजतन, उन्हें वर्तमान समय में अपने स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। आने वाले समय में उनके नेतृत्व में कांग्रेस को देश में और सफलता मिलेगी।

भाग्य साथ देगा...
वर्तमान समय में गुरु व शनि के गोचरीय प्रभाव से इनके पराक्रम तथा व्यक्तिगत, सामाजिक व राजनीतिक प्रभाव में निरंतर अभिवृद्धि होगी और भाग्य भी इनका साथ देता रहेगा।

अंतर्राष्ट्रीय राजनीति में पकड़ मजबूत होगी
अगले वर्ष के अप्रैल महीने से इनके मान सम्मान में और अधिक वृद्धि होगी तथा नवंबर 2014 व 2015 में इन्हें अपार प्रतिष्ठा व यश प्राप्ति के ग्रह योग बन रहे हैं और साथ ही अंतर्राष्ट्रीय राजनीति में भी इनकी पकड़ और मजबूत होंगी।

आने वाला वक्त सोनिया को देगा तरक्की..
2014 के उत्तरार्द्ध में इनकी प्रतिष्ठा तेजी से बढ़ेगी क्योंकि उस समय इनकी कुंडली में पंचमस्थ केतु की दशा चल रही होगी और गोचर में इनके जन्म लग्न में उच्चराशिस्थ गुरु होंगे तथा शनि उच्च के होकर भाग्येश व सुखेश पर गोचर कर रहे होंगे। ग्रह योग के अनुसार उस समय श्रीमति सोनिया गांधी भारतीय राजनीति में और अधिक आदरणीय व प्रभावशाली व्यक्तित्व के रूप में उभरेंगी।

श्रेष्ठ राजयोग सफलतादायक सिद्ध होगा
सोनिया गांधी की कुंडली में पंचम भाव में आत्मकारक सूर्य चंद्र लग्नेश बुध व केतु के साथ स्थित है तथा राहु से दृष्ट है। पंचम भाव पर चार ग्रहों का प्रभाव होने से पंचम भाव बली हो गया है। कारकांश कुंडली में श्रेष्ठ राजयोग सफलतादायक सिद्ध होगा।












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