Astro Tips: जानिए सास-बहू कैसे बन सकती हैं सहेली?
वैवाहिक बन्धन में बॅधने से लड़के और लड़की दोनों पर जिम्मेदारियों एंव कर्तव्यों का भार बढ़ जाता है। पुरूष आर्थिक जिमेदारियों से घिर जाता है तो स्त्री अपनी सेवा व श्रम की नित्य आहूति देकर परिवार के सभी लोगों को प्रसन्न रखने के लिए कटिबद्ध होती है। सबको खुश रखने वाली स्त्री को स्वयं प्रसन्न रहने का कोई विधान नहीं है। ये सोचने का विषय है ?
स्त्री अपने घर को त्यागकर जब ससुराल की ओर रूख करती है, तो उसका सबसे बड़ा भय यह होता है कि सासु मां की वक्र दृष्टि से कैसा बचा जाये ? सास-बहु की नोंक-झोंक हर सभ्यता में, प्रत्येक देश और काल में अनवरत जारी रहती है। यह परिघटना इतनी प्राचीन हो गई है कि इस पर फिल्में, कहानियाॅ, गीत, व सीरियल बनाकर लोगों ने अपनी तिजोरी भर ली किन्तु यह सास-बहू का मानस रिश्ता आज भी दोस्ती में तब्दील नहीं हो पाया। प्रताड़ना और झगड़ों का स्वरूप बहुत पृथक नहीं होता है और दोनों का रिश्ता दुश्मनों जैसा ही होता है।
मेरा विचार है कि लड़की का विवाह करने से पूर्व पति के साथ-साथ सास की कुण्डली का भी मिलान करना चाहिए। जैसे पति-पत्नी के गुण मिलायें जाते है, उसी प्रकार से सास व होने वाली बहू के भी गुण मिलाकर देखना चाहिए।
आगे मैं कुछ ऐसे उपाय बता रहूॅ हॅू जिन्हे श्रद्धा व विधिपूर्वक करने से सास-बहू की तू तू, मैं मैं, काफी कम हो सकती है।
1- सास मां के समान होती है और मां का सम्बन्ध चन्द्र ग्रह से होता है यानि चन्द्र को मजबूत करने पर सास से सम्बन्ध अच्छे हो जायेंगे। चाॅदी के गिलास में पानी व दूध सेंवन करें। पूर्णिमा के व्रत रखें।
2- रसोई घर में वासबेसिंग और गैस चूल्हा के बीच में एक प्लाई की दीवार होनी चाहिए। गैस चूल्हा और वासवेंसिग पास-2 होने से सास-बहू के झगड़े खूब होंगे।
3- सुबह व शाम घर में कपूर की आरती करें तथा मुख्य द्वार पर कपूर जलाकर रखें।
4- प्राण प्रतिष्ठित करके सोमवार के दिन खिरनी की जड़ लाल धागे में बाॅधकर गले या दाहिनी बाजू में बाॅधें।
5- विष्णु जी की नियमित आराधना करें।
यदि सास अच्छी है और बहू बेवजह झगड़ती रहती है, तो उसके लिए सास ये उपाय करें।
1- बहू बेटी के समान होती है तथा पुत्री का कारक बुध व शुक्र है। बहू से रिश्ते अच्छे बने रहें इसके लिए सास को अपने बुध व शुक्र को मजबूत करना होगा।
2- ''ऊॅ क्रां क्रीं क्रौं'' मन्त्र की कम से कम एक माला नित्य जाप करनी चाहिए।
3- बहू घर की लक्ष्मी होती है, इसलिए निम्न मन्त्र का ''ऊॅ अनुरागाय नमः'' मन्त्र का जाप करें।
4- सास अपने बिस्तर पर मोरपंख लगायें जिससे बहू से रिश्ते मधुर हो जायेंगे।
5- अपामार्ग की जड़ अभिमंत्रित करके गले में या दाहिने बाजू में बाॅधना लाभप्रद रहता है। हाथों में हरे रंग के कंगन व चूडियाॅ पहने।













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