जानिये घर में क्यों नहीं रखना चाहिये शिवलिंग?

वैसे तो घर में साधारण पूजन कक्ष होना चाहिए जिसमें रखी हुयी मूर्तियों की लम्बाई 4 इन्च से अधिक नही होनी चाहिए। 4 इन्च की लम्बाई से अधिक लम्बी मूर्तियों की विधिवत प्राण-प्रतिष्ठा का विधान है, जो मन्दिरों में ही सम्भव है।
भगवान शंकर के शरीर में अपार गर्म उर्जा का भण्डार है, इसलिए भोले नाथ का निवास स्थल हिमालय पर्वत है, जो सबसे अधिक ठण्डा है। विशाल जटाओं में गंगा जी समाहित जिससे उनका मन व मस्तिष्क शीतल रहता है।
शिवलिंग भगवान शंकर का एक अभिन्न अंग है, जो अति गर्म है, जिस कारण शिवलिंग पर जल चढ़ाने की प्रथा प्रचलित है। मन्दिरों में शिवलिंग के उपर एक घड़ा रखा होता है जिसमें से पानी की एक-2 बूंद शिवलिंग पर गिरा करती है जिससे शिवलिंग की गर्मी धीरे-धीरे शान्त होकर उसमें से सकारात्मतक उर्जा प्रवाहित होने लगती है। जो भक्तगणों के कष्टों को दूर करती है।
घर में शिवलिंग रखने से इस प्रकार की व्यवस्था न हो पाने के कारण उसमें से निकलने वाली गर्म उर्जा परिवार के लोगों को खासकर महिलाओं को नुकसान पहुंचाती है। जैसे- सिर दर्द, स्त्री रोग, जोडो में दर्द, मन अशांत, घरेलू झगड़े, आर्थिक अस्थिरिता आदि प्रकार की समस्यायें घर में बनी रहती है।
यदि किसी घर में शिवलिंग रखा है, तो किसी शुभ मुहूर्त में निकट के मन्दिर में दान करें, तत्पश्चात उसी शिवलिंग पर रूद्राभिषेक करायें एंव पुजारी को यथा शक्ति दान व दक्षिणा दें।
क्लिक करें PREVIOUS और पढ़ें कैसे करें शिवलिंग की पूज।












Click it and Unblock the Notifications