अनेक प्रकार के फायदे देता है 13 मुखी रुद्राक्ष

1- इस रूद्राक्ष को धारण करने से भौतिक जगत की तमाम प्रकार की कामनाओं की पूर्ति होती है।
2- प्रेमी व प्रेमिका के परस्पर मिलन के लिए तेरहमुखी रूद्राक्ष धारण करना अत्यन्त उपयोगी सिद्ध होता है।
3- जिन व्यक्तियों के दाम्प्त्य जीवन में बाधायें आया करती है, उन्हे यह रूद्राक्ष धारण करने से आश्चर्यचकित लाभ मिलता है।
4- जिन जातकों को अधिक परिश्रम करने के बावजूद भी रात्रि को ठीक से नींद नहीं आती है, उन लोगों को तेरहमुखी रूद्राक्ष धारण करने से शीघ्र ही लाभ प्राप्त होने लगता है।
5- तेरहमुखी रूद्राक्ष पहनने से व्यक्ति में गजब का आकर्षण आता है, जिससे लोग आप से प्रभावित होते है।
6- तेरहमुखी रूद्राक्ष पहने से व्यक्ति के शरीर में असीम उर्जा का संचरण होता है, जिससे वह व्यक्ति प्रत्येक कार्य सहज तरीके से करने में सक्षम रहता है।
7- इस रूद्राक्ष को पहने से नवयुवकों की दिशा व दशा दोनों में सुधार होता है।
धारण विधि-
फाल्गुन मास शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी से पूर्णिमा तक तीन दिन केवल दूध से तेरहमुखी रूद्राक्ष को निम्न मन्त्र- "ऊँ हा गं जूं सः कामात्मने नमः" से चमेली की पत्तियों द्वारा अभिषेचन किया जाय। तत्पश्चात पूर्णिमा के दिन उपरोक्त मन्त्र को पढ़ते हुए रूद्राक्ष में केवेड़े का इत्र लगाकर एंव चमेली अथवा जूही के फूलों से ढककर 108 बार उपरोक्त मन्त्र का जाप करें। जाप के बाद इसी मन्त्र से नागौरी, असगन्ध, कामराज, नागबेल और जटामासी के चूर्ण में चमेली का तेल मिलाकर 108 बार हवन करें तत्पश्चात हवन-अग्नि की 11 बार परिक्रमा करके रूद्राक्ष को धारण करने से अवश्य लाभ मिलता है।












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