Ayodhya Ram Mandir Chanda Chori: अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी मुद्दे ने देश-दुनिया में सभी की निगाहें खींच ली है। अब मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट 13 जुलाई को करेगी। खास बात यह है कि चंदा चोरी हंगामे के बीच अयोध्या के भदरसा कस्बे का नाम बदल दिया गया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने शुक्रवार (10 जुलाई) को घोषणा की कि अयोध्या जिले में हाल ही में बनी 'खिलौनी-सुचितगंज नगर पंचायत' का नाम बदलकर 'मां ज्वाला जी नगर पंचायत' कर दिया जाएगा, जबकि भदरसा नगर का नाम अब 'भरत नगर' होगा। आखिर क्यों बदला गया नाम? आइए विस्तार से जानते हैं...
बिकापुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि खिलौनी-सुचितगंज का नाम बदलने की मांग स्थानीय बीजेपी विधायक अमित सिंह चौहान ने की थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायक ने अनुरोध किया है कि खिलौनी-सुचितगंज नगर पंचायत का नाम मां ज्वाला जी के नाम पर रखा जाए। मैं घोषणा करता हूं कि इसे मां ज्वाला जी नगर पंचायत के नाम से जाना जाएगा। योगी आदित्यनाथ ने भदरसा का नाम बदलने की भी घोषणा की और कहा कि इस कस्बे को अब 'भरत नगर' के नाम से जाना जाएगा, जबकि भरत कुंड से जुड़े इलाके की पहचान भी इसी नाम से होगी। समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, 'आपने हाल ही में भदरसा में समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधियों का व्यवहार देखा है। यह उनके असली चरित्र को दर्शाता है। भदरसा को अब भरत नगर के नाम से जाना जाएगा।' दरअसल, भदरसा 2024 में एक नाबालिग के साथ बलात्कार के मामले को लेकर चर्चा में रहा था, जिसमें एसपी नेता मोइद खान को गिरफ्तार किया गया था। खान को अदालत ने रिहा कर दिया था, जबकि कथित अनियमितताओं के कारण उनके शॉपिंग कॉम्प्लेक्स को बुलडोजर से गिरा दिया गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि नया नाम भगवान राम के छोटे भाई भरत का सम्मान करता है, जिनकी भक्ति और त्याग हमेशा एक मिसाल बने रहेंगे। आदित्यनाथ ने आगे कहा कि भरत ने 14 साल भरत कुंड के पास बिताए और पूरी निष्ठा से भगवान राम के आदेश का पालन किया, जबकि भगवान राम की 'पादुकाएं' प्रतीकात्मक रूप से अयोध्या पर शासन कर रही थीं। दुनिया में कहीं भी भरत जैसा भाई मिलना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत को पूरे देश में मान्यता प्राप्त है और नया नाम 'भरत नगर' एक नगर पंचायत के रूप में और विकसित किया जाएगा। आपको बता दें कि, इससे पहले 6 जुलाई को उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने घोषणा की थी कि शाहजहांपुर की जलालाबाद तहसील का नाम बदलकर 'भगवान परशुराम पुरी' कर दिया जाएगा। जून में, आदित्यनाथ ने घोषणा की थी कि कुशीनगर के फाजिल नगर का नाम 'पावागढ़' रखा जाएगा। इससे पहले इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज और फैजाबाद जिले का नाम बदलकर अयोध्या कर दिया गया था। इस बीच, योगी आदित्यनाथ ने बिकापुर में 432 करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत वाली 217 विकास परियोजनाओं की सौगातें दीं। उन्होंने सहावल ब्लॉक में उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री मुन्ना सिंह चौहान की प्रतिमा का अनावरण भी किया। स्थानीय जन-प्रतिनिधियों की तारीफ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सक्रिय विधायकों ने बिकापुर, मिल्कीपुर, रुदौली और गोसाईंगंज समेत पूरे अयोध्या जिले में विकास की रफ्तार बढ़ाई है। (PTI इनपुट के साथ)'भरत' में भगवान राम के भाई का सम्मान
अब तक कितने नाम बदले?
बिकापुर को मिली 432 करोड़ की सौगातें, मुन्ना सिंह चौहान की प्रतिमा का अनावरण
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