Bhadohi Land Scam: UP के पूर्वांचल में BJP नेता के साथ 50 लाख की ठगी, 3 आरोपियों पर केस दर्ज
Bhadohi Land Scam: पूर्वांचल के प्रसिद्ध सिल्क शहर भदोही में एक BJP नेता के साथ 50 लाख रुपये की जमीन ठगी का मामला सामने आया है। दीन दयाल सोनकर नामक BJP नेता ने अकील अहमद सिद्दीकी, उनके बेटे साहिल सिद्दीकी और अतीक खान के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक धमकी, जाति-सूचक गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी का आरोप लगाते हुए FIR दर्ज कराई है। भदोही कोतवाली पुलिस ने मंगलवार को तीनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के साथ SC/ST एक्ट के प्रावधानों में केस दर्ज किया है।
यह मामला महज एक व्यक्तिगत ठगी नहीं है। यह उत्तर प्रदेश में जमीन, जाति, राजनीति और माफिया के गठजोड़ की एक बड़ी तस्वीर पेश करता है। योगी आदित्यनाथ सरकार के सख्त एक्शन और डबल इंजन की सरकार के बावजूद पुरवांचल में कैसे जमीन घोटाले और धोखाधड़ी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं?

पूरा मामला: क्या हुआ था भदोही में?
भदोही के राजपुरा इलाके के रहने वाले दीन दयाल सोनकर BJP के स्थानीय नेता हैं। उन्होंने कुशियरा इलाके में 0.194 हेक्टेयर जमीन खरीदने के लिए अकील अहमद सिद्दीकी (जाहिदपुर) और उनके बेटे साहिल सिद्दीकी के साथ 5.5 लाख रुपये प्रति बिस्वा की दर से नोटरीकृत एग्रीमेंट किया।
30 जनवरी 2023 से 14 फरवरी 2024 के बीच सोनकर ने आरोपियों को कुल 50 लाख रुपये का भुगतान किया। पैसे बैंक क्रेडिट लिमिट से इंतजाम किए गए, जिस पर लगातार ब्याज भी चुकाया जा रहा था।
शिकायत के अनुसार:
- बार-बार बिक्रीनामा (सेल डीड) और रजिस्ट्री की मांग करने पर आश्वासन ही दिए गए।
- जमीन की पैमाइश तक नहीं हुई।
- नामांतरण नहीं किया गया।
- जब पैसे वापस मांगे तो जाति-सूचक गालियां, धमकी और हमला किया गया।
- आरोपियों ने कहा - 'रजिस्ट्री के लिए जोर दोगे तो जान से मार देंगे और शव गायब कर देंगे।'
- भदोही कोतवाली इंस्पेक्टर सच्चिदानंद पांडे ने बताया कि आरोपियों पर धोखाधड़ी, छद्म रूप धारण कर धोखाधड़ी, आपराधिक धमकी, शांति भंग करने का इरादा और SC/ST एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। जांच चल रही है।
सिल्क सिटी क्यों है जमीन घोटालों का हॉटस्पॉट?
भदोही उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर, जौनपुर और वाराणसी से घिरा हुआ जिला है। यहां विश्व प्रसिद्ध कालीन उद्योग है, लेकिन कृषि भूमि, रिहायशी प्लॉटिंग और औद्योगिक क्षेत्र में जमीन की मांग बढ़ रही है।
- आबादी घनत्व और शहरीकरण के कारण जमीन की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं।
- वाराणसी-भदोही-प्रयागराज कॉरिडोर और एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स ने जमीन की सट्टेबाजी को बढ़ावा दिया।
- कई बाहरी निवेशक और लोकल माफिया एक्टिव हैं।
- ऐसे में छोटे किसान, दलित-ब पिछड़े नेता और बिजनेसमैन अक्सर निशाना बनते हैं। दीन दयाल सोनकर का मामला इसी पैटर्न को दोहराता है।
BJP नेता पर ठगी: राजनीतिक आयाम
दीन दयाल सोनकर सोनकर (केवट) समुदाय से हैं, जो SC/ST श्रेणी में आता है। SC/ST एक्ट लगने से मामला और संवेदनशील हो गया है।
BJP पर क्या असर?
- योगी सरकार 'अपराध मुक्त UP' और 'भूमि सुधार' का दावा करती है। ऐसे मामले विपक्ष को हमला करने का मौका देते हैं।
- स्थानीय स्तर पर BJP कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ सकती है - 'अपने लोगों की ही नहीं सुन रहे।'
- पूर्वांचल में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले जाति समीकरण बिगड़ सकता है।
UP में जमीन घोटालों का ट्रेंड: बड़े आंकड़े
- उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में जमीन से जुड़े हजारों मामले दर्ज हुए हैं:
- फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी, नोटरी दस्तावेजों के जरिए ठगी।
- सरकारी जमीन पर कब्जा (पट्टा भूमि, नदी किनारे, शमशान आदि)।
- रजिस्ट्री के नाम पर एडवांस लेकर गायब होना।
- कोर्ट केस लंबे चलाने की रणनीति।
योगी सरकार ने भू-माफिया पर बुलडोजर एक्शन, डिजिटल लैंड रिकॉर्ड (Bhulekh), SVAMITVA योजना और स्टैंप ड्यूटी में सुधार किए। फिर भी ग्राउंड लेवल पर समस्या बनी हुई है। वजह है...
- भ्रष्ट अधिकारियों और पटवारी-तहसील स्तर का गठजोड़।
- तेज शहरीकरण vs पुरानी रिवेन्यू व्यवस्था।
- जाति-आधारित लैंड डिस्प्यूट्स।
- भदोही मामला दिखाता है कि नोटरी एग्रीमेंट पर भरोसा करना कितना खतरनाक हो सकता है। कानूनी सलाह - हमेशा रजिस्ट्री और पैमाइश के बाद पूरा पेमेंट करें।
आरोपी कौन? अकील अहमद सिद्दीकी और गैंग की कुंडली
अकील अहमद सिद्दीकी और साहिल सिद्दीकी स्थानीय रहवासी हैं। पुलिस का दावा है कि वे धोखाधड़ी के तरीके से कई लोगों को ठग चुके हैं। अतीक खान स्टेशन रोड का रहने वाला है।
ऐसे गिरोह अक्सर:
- गरीब/मध्यम वर्ग के लोगों को सस्ती जमीन का लालच देते हैं।
- आंशिक पेमेंट लेकर सालों तक टालते हैं।
- धमकी देकर चुप कराते हैं।
SC/ST एक्ट का क्या दांव?
दीन दयाल सोनकर SC समुदाय से हैं। FIR में जाति-सूचक गालियां और अपमान का जिक्र है, इसलिए SC/ST (Prevention of Atrocities) Act लगाया गया। यह कानून दलित-आदिवासी समुदाय की सुरक्षा के लिए है।
BJP सरकार ने इस कानून में कुछ संशोधन किए, लेकिन विपक्ष इसे कमजोर करने की कोशिश बताता है। इस मामले में एक्ट लगने से पुलिस को मजबूत कार्रवाई करनी पड़ेगी।
पुरवांचल की राजनीति और जमीन का खेल
- पूर्वांचल (पूर्वी UP) में जमीन हमेशा से पावर का केंद्र रही है।
- यादव, पटेल, ब्राह्मण, दलित, मुस्लिम - सभी समुदायों में लैंड बैंक महत्वपूर्ण है।
- BSP के समय दलितों को पट्टा भूमि दी गई, बाद में कई विवाद।
- सपा-बसपा-बीजेपी शासन में अलग-अलग माफिया सक्रिय रहे।
- योगी 2.0 में 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' और टूरिज्म के तहत भदोही में विकास हो रहा है, जो जमीन की कीमत बढ़ा रहा है।
भदोही का 50 लाख का जमीन घोटाला UP की जमीन व्यवस्था में गहरी खामियों को उजागर करता है। सत्ता में BJP होने के बावजूद एक BJP नेता का शिकार होना सिस्टम की कमजोरी दिखाता है। योगी सरकार को और सख्ती दिखानी होगी। आम नागरिकों को सतर्क रहना चाहिए। जमीन सिर्फ संपत्ति नहीं, सम्मान और सुरक्षा का प्रतीक है। जब तक आम आदमी को उसकी जमीन पर हक नहीं मिलेगा, विकास का सपना अधूरा रहेगा।













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