Jaipur Ayushi Sharma Case: राजस्थान की राजधानी जयपुर में हुए नीरजा शर्मा हत्याकांड में हर दिन नया खुलासा हो रहा है। सरकारी नौकरी और संपत्ति हासिल करने की हवस में 23 साल की आरुषी शर्मा ने अपनी सगी विधवा मां नीरजा शर्मा की बेरहमी से हत्या करवा डाली। प्रोफेशनल किलर को अपनी मां के नाम की सुपारी के लिए सात लाख सुपारी देने वाली आरूषी शर्मा पर आरोप है कि एक साल पहले उसने पैसों के लालच में अपने पिता की भी हत्या करवाई।
दरअसल, मृतका नीरज शर्मा के भाई राकेश शर्मा ने पुलिस के सामने दिए गए बयान में दावा किया है आरुषी शर्मा के पिता विजय वशिष्ट की अप्रैल 2025 में हुई मौत सामान्य नहीं संदिग्ध मौत थी। मामा को संदेह है कि करोड़ों की संपत्ति के लालज में अपने पिता की भी हत्या आरुषी और उसके दहिहाल के लोगों ने करवाई है। राकेश शर्मा ने पुलिस से मांग की है कि स्वर्गीय विजय वशिष्ठ की भी संदिग्ध मौत की नए सिरे से जांच हो। आइए जानते हैं आखिर कितनी संपत्ति के मालिक थे आरुषी शर्मा के पिता स्वर्गीय विजय वशिष्ठ जिसकी लालच में वो अपनी मां की हत्यारन बन गई?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार राजस्थान हाईकोर्ट में नौकरी कर रहे व विजय वशिष्ठ के पास कुल 14 करोड़ की संपत्ति थी। जिसमें जयपुर में दो मकान के अलावा आगरा रोड और भरतपुर रोड पर जमीन शामिल है। इसके अलावा गांव में पैतृक संपत्ति भी शामिल है। इसके अलावा आयुषी शर्मा ने पुलिस के सामने कबूला है कि वो अपने पिता की जगह कोर्ट में अनुकंपा नौकरी चाहती थी जिसे उसकी मां ने हासिल कर ली थी। मां को रास्ते से हटाने के लिए उसने उनकी हत्या अपने चचेरे भाई बलराम और ताऊ के साथ मिलकर करवाई। आयुषी ने कथित तौर पर पुलिस के सामने बयान दिया कि उसे लगता था कि उसकी मां उसके दिव्यांग भाई को अधिक प्यार करती है और वो खुद बहुत अकेला महसूस करती थी। मां से उसका झगड़ा अक्सर होता था। आरुषी शर्मा के मामा राकेश ने खुलासा किया पिता की मौत के बाद सरकारी नौकरी को लेकर मां बेटी और परिवार के बीच विवाद बढ़ता ही गया। एक दिन मां से झगड़ते हुए आयुषी ने कथित तौर पर कहा था, जब पापा को मार दिया तो तुम क्या चीज हो? बेटी की इस कथित धमकी के बाद नीरज शर्मा ने अपने स्टेटस पर लिखा था बस दो दिन की जिंदगी है। आयुषी के मामा के अनुसार लंबे समय से विजय वशिष्ठ बीमार थे लेकिन उनकी सेहत में सुधार हो रहा था। उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया और वहां उनकी मौत हो गई। मौत के बाद बिना जानकारी दिए आनन-फानन में उनका अंमित संस्कार कर दिया गया। आयुषी शर्मा लॉ थर्ड इयर की स्टूडेंट है। रिपोर्ट के अनुसार पढ़ाई में हमेशा से अव्वल रहने वाली आयुषी अपने चचेरे भाई बलराम जिसके साथ मिलरक अपनी मां की हत्या की साजिश रची उसी के साथ पिता की मौत के साथ रह रही थी। चचेरा भाई बलराम जो इस हत्याकांड के बाद फरार है वो भी लॉ का स्टूडेंट है। पुलिस के अनुसार कुछ सवालों के आयुषी सही जवाब देती है और बचपन के सवाल पर चुप्पी साध लेती है। इसी वजह से साइकॉलजिस्ट की मदद से उससे पूछताछ की जा रही है।कितनी संपत्ति के मालिक थे विजय वशिष्ठ?
कैसे हुई थी आयुषी शर्मा के पिता की मौत?
आयुषी शर्मा कितनी पढ़ी-लिखी है?