पैसे के लिए मां को जान से मारने वाली बेटी आयुषी ने पिता का भी किया था कत्ल? मामा का सनसनीखेज आरोप करेगा सुन्न
जयपुर में अपनी सगी मां नीरज शर्मा की बेरहमी से हत्या करने के मामले में गिरफ्तार LLB की छात्रा आयुषी शर्मा की कहानी में एक ऐसा मोड़ आ गया है, जो किसी के भी रोंगटे खड़े कर दे। अपनी मां को रास्ते से हटाने वाली इस बेटी पर अब अपने ही पिता विजय शर्मा का कत्ल करने का बेहद संगीन आरोप लगा है। यह सनसनीखेज दावा किसी और ने नहीं बल्कि खुद आयुषी के सगे मामा राकेश शर्मा ने किया है।
राकेश शर्मा ने दावा किया कि अप्रैल 2025 में उसके पिता विजय शर्मा की मौत भी सामान्य नहीं थी। उन्होंने आरोप लगाया कि आयुषी ने अपने चचेरे भाई बलराम के साथ मिलकर पिता की भी हत्या की थी। हालांकि यह फिलहाल परिवार का आरोप है। इस नए खुलासे के बाद जयपुर पुलिस भी हैरान है और मामले की नए सिरे से पड़ताल करने में जुट गई है। पुलिस का कहना है कि रिश्तेदारों से मिली इस नई शिकायत के हर पहलू की जांच की जाएगी।

क्या पैसे और सरकार नौकरी के लिए रची गई थी बड़ी साजिश?
आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक मृतका नीरज शर्मा के भाई राकेश शर्मा का आरोप है कि यह पूरा खेल संपत्ति हड़पने और सरकारी नौकरी पाने के लिए खेला गया था। आयुषी के पिता विजय शर्मा राजस्थान हाईकोर्ट में कोर्ट मास्टर के पद पर थे। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे।
मामा राकेश शर्मा का दावा है कि अप्रैल 2025 में आयुषी ने अपने चचेरे भाई बलराम के साथ मिलकर अपने बीमार पिता का सही ढंग से इलाज कराना बंद करवा दिया था। जब इलाज के बाद उनकी हालत थोड़ी सुधरी और वे घर लौटे, तो आयुषी ने नाटक रचा कि वह किसी बड़े डॉक्टर से बात करके आई है और पिता को पूरी तरह ठीक करने के लिए दूसरे अस्पताल ले जाना होगा।
इसके बाद आयुषी और बलराम उन्हें अपने साथ ले गए और करीब तीन महीने तक परिवार से छिपाकर रखा कि विजय शर्मा कहां हैं। जब मां नीरज शर्मा लगातार अपने पति के बारे में पूछती रहीं, तो उन्हें पहले दिल्ली रोड के निम्स अस्पताल में भर्ती होने की बात कही।
बाद में अचानक मैसेज आया कि वे निविक अस्पताल के आईसीयू में भर्ती हैं। जब परिवार वहां पहुंचा, तो डॉक्टरों ने बताया कि विजय शर्मा के शरीर के 90% अंग काम करना बंद कर चुके हैं। इसके बाद आयुषी उन्हें घर ले आई, जहां उनकी मौत हो गई।
पिता की मौत के फौरन बाद आयुषी ने उनकी जगह अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी पाने के लिए कागजी कार्रवाई शुरू कर दी और पूरी प्रॉपर्टी अपने नाम कराने की जिद पर अड़ गई। इस पूरे खेल में चचेरा भाई बलराम उसे लगातार गाइड कर रहा था।

मां को दी थी धमकी,'जैसे पिता की फूड पाइप निकालकर मारा, वैसे ही तुम्हें भी खत्म कर दूंगी'
मामा राकेश शर्मा ने एक और बेहद डरावना दावा किया है। उन्होंने मां-बेटी के बीच जब किसी बात को लेकर विवाद हुआ था, तब आयुषी ने अपनी मां नीरज शर्मा को सीधे धमकी देते हुए कहा था, "जब मैंने पिता की फूड पाइप निकालकर उन्हें मार दिया तो तुम क्या चीज हो, तुम्हें भी दो दिन के अंदर खत्म कर दूंगी।"
इस खौफनाक धमकी से नीरज शर्मा इतनी बुरी तरह डर गई थीं कि उन्होंने अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर लिख दिया था कि उनकी जिंदगी अब सिर्फ दो दिन की ही बची है। इसके ठीक बाद उनकी हत्या कर दी गई। इस वारदात में शामिल एक और आरोपी हेमंत शर्मा ने भी पुलिस के सामने एक बड़ा बयान दिया है।
हेमंत का कहना है कि वह नीरज शर्मा की जान नहीं लेना चाहता था लेकिन घटना से दो दिन पहले आयुषी और बलराम ने उस पर भयंकर दबाव बनाया। उन्होंने हेमंत से कहा कि कत्ल के लिए सात लाख रुपये दिए जा चुके हैं और सारी तैयारी पूरी है, अब पीछे नहीं हटा जा सकता।
मां से नफरत और भाई से लगाव के पीछे का सच
पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद जब आयुषी से पूछताछ की गई। आयुषी ने अपने दिल में छिपी नफरत की बात कबूल की। आयुषी ने बताया कि उसकी मां का पूरा ध्यान हमेशा उसके छोटे भाई पर रहता था, जो एक स्पेशल चाइल्ड (दिव्यांग) है। इस वजह से वह घर में खुद को बिल्कुल अकेला महसूस करती थी।
उसे अपनी मां को देखकर सिर्फ इसलिए गुस्सा आता था क्योंकि मां भाई को उससे ज्यादा प्यार करती थीं। हालांकि उसने यह भी कहा कि वह अपने छोटे भाई से बहुत प्यार करती है।
आयुषी ने आरोप लगाया कि उसके घर की बातों में उसके नाना और मामा राकेश शर्मा का जरूरत से ज्यादा दखल रहता था जो उसे पसंद नहीं था। मां से रोज-रोज के झगड़ों से तंग आकर वह चचेरे भाई बलराम के कहने पर अपने पिता के दूसरे वाले मकान में रहने चली गई थी।
आयुषी से अब मनोवैज्ञानिक करेंगे पूछताछ
जयपुर की डीसीपी रंजीता शर्मा ने इस पूरे मामले पर आधिकारिक बयान देते हुए कहा है कि वारदात के बाद से फरार चल रहे चचेरे भाई बलराम की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। उन्होंने साफ किया कि मृतका के भाई ने पिता की मौत को लेकर जो भी आरोप लगाए हैं, उसकी पूरी फाइल दोबारा खोली जाएगी।
पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि एलएलबी फाइनल ईयर की छात्रा होने की वजह से आयुषी को कानून की अच्छी समझ है। वह दिमागी तौर पर बहुत मजबूत है और पुलिस को आसानी से गुमराह कर रही है।
जब भी पुलिस उससे उसके बचपन को लेकर सवाल पूछती है, तो वह पहले उसे खराब बताती है लेकिन गहराई से पूछने पर बिल्कुल खामोश हो जाती है। इसी वजह से अब पुलिस ने फैसला किया है कि आयुषी के दिमाग में चल रहे सच को बाहर निकालने के लिए एक्सपर्ट मनोवैज्ञानिकों (Psychologists) की मदद ली जाएगी, ताकि इस दोहरे कत्ल के रहस्य से पर्दा उठ सके।














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