फरवरी में बारिश यानी फसल की बर्बादी

पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई इलाको में रविवार और सोमवार को बारिश हुई, जिस कारण कई जगह जनजीवन प्रभावित हुआ। मौसम विभाग की मानें तो अगले तीन चार दिन तक मौसम ऐसा ही रह सकता है। लेकिन क्या आपको पता है अगर मौसम ने वापस सामान्य रुख नहीं अपनाया तो खेतों में भारी तबाही मच सकती है।
लखनऊ के कृषि वैज्ञानिक व ऑल इंडिया रेडियो में कृषि कार्यक्रमों के प्रोड्यूसर डा. के बी त्रिवेदी के मुताबिक यह बारिश सभी फसलों के लिए घातक साबित हो सकती है, क्योंकि यह समय फूलों के निकलने का है। बारिश के कारण नमी और पर्याप्त मात्रा में धूप नहीं मिलने के कारण फसलों में आसानी से कीट लग सकते हैं।
यह मौसम मध्यम तापमान का होता है, न बहुत ज्यादा और न कम। अगर तापमान गिरा तो तिलहनी फसलों पर महू लग सकता है, जो पौधों का पानी चूस लेता है और फसलें सूख सकती हैं। वहीं आम के पेड़ों पर फलों की पैदावार कम हो सकती है। यही नहीं दाल की फसलों पर कीट लग सकता है।
डा. त्रिवेदी की इन बातों से साफ है कि अगर मौसम सामान्य नहीं हुआ, तो एक बार फिर दालों, सरसों के तेल और फलों के दाम बढ़ सकते हैं।












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