बीटी बैंगन के पीछे हो सकता है अमेरिका
नई
दिल्ली । विवादित बीटी बैंगन मसले पर सरकार के फैसले के तार अपरोक्ष रूप से अमेरिका से जुड़ते नजर आ रहे हैं। केंद्र सरकार ने निर्णय लिया है कि देश में बीटी बैंगन की फसल को अनुमति नहीं दी जाएगी। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने इस फैसले के पीछे कारण दिया है कि इस विषय में अभी और स्टडी की जरूरत है कि देश की जलवायु और परिस्थितियों में आनुवांशिक रूप से संशोधित बीटी बैंगन कारगर होगा या नहीं। id="toptextpromo">आश्चर्यजनक
रूप से अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन की सलाहकार नीना फेडरोफ सोमवार की रात सरकारी दौरे पर भारत पहुंची हैं। फेडोरोफ का नई दिल्ली दौरा ऐसे समय हुआ है, जब बीटी बैंगन की खेती पर मंगलवार की शाम सरकार का बहुप्रतीक्षित निर्णय आया। id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'> id='top-searched-articles'>गौरतलब
है कि फेडोरोफ ने अतीत में भारत से बीटी बैंगन जैसी फसलों को उपजाने और बढ़ावा देने का आग्रह किया था। हालांकि अमेरिकी दूतावास और पर्यावरण मंत्रालय ने इस बात से इंकार किया है कि फेडोरोफ के दौरे का बीटी बैंगन के निर्णय से कुछ लेना-देना है।











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