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बैंकर से बागवान बनने की प्रेम कहानी, Green House Agra में 4-5 डिग्री कम रहता है तापमान, जानिए

ग्रीन हाउस आगरा (green house agra) पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन रहा है। बागवानी का अनोखा उदाहरण ग्रीन हाउस पूर्व बैंकर चंद्रशेखर शर्मा (agra chandra shekhar sharma gardening) ने डेवलप किया है।

आगरा, 19 मई : मोहब्बत की नगरी के रूप में मशहूर आगरा प्रेम की निशानी ताजमहल के कारण मशहूर है। अब आगरा ग्रीन हाउस (green house agra) के लिए पॉपुलर हो रहा है। ये कहानी है एक बैंकर की मोहब्बत की। आगरा में परवान चढ़ा यह प्यार दो व्यक्तियों के बीच का नहीं, प्रकृति से प्रेम का है। बैंकिंग सर्विस से सेवानिवृत्त हुए चंद्रशेखर शर्मा अपने घर- ग्रीन हाउस में गार्डनिंग करते हैं। गार्डनिंग का शौक ऐसा कि पूरे घर में जहां जगह मिली, जहां संभव दिखा, पौधे लगा डाले। इसका असर ऐसा हुआ कि गर्मी के दिनों में आगरा में 44-45 डिग्री सेल्सियस तापमान से हलकान रहने के बाद शर्मा के ग्रीन हाउस में 4-5 डिग्री तापमान कम देखा गया। पढ़िए आगरा के प्रकृति प्रेमी चंद्रशेखर शर्मा के बैंकर से बागवान बनने (agra chandra shekhar sharma gardening) की प्रेरक कहानी

'प्रेम कहानी' की शुरुआत 40 साल पहले

'प्रेम कहानी' की शुरुआत 40 साल पहले

उत्तर प्रदेश के आगरा में सेवानिवृत्त बैंकर चंद्रशेखर शर्मा ने अपने घर में 400 से अधिक फलों, सब्जियों और फूलों के साथ 1000 से अधिक पौधे उगाए हैं। 40 से अधिक वर्षों से पौधों को उगा रहे चंद्रशेखर शर्मा बताते हैं कि उन्होंने सबसे पहले अपने आंगन में एक बेल का पेड़ लगाया था। पेड़ों, पौधों और प्राकृतिक दुनिया के मुरीद चंद्रशेखर शर्मा का पौधे लगाने का अभ्यास साल-दर-साल जारी रहा। अब उनका घर ग्रीन हाउस (chandra shekhar sharma greenhouse) के रूप में लोकप्रिय हो रहा है। टाइम्स ऑफ इंडिया (टीओआई) की एक रिपोर्ट के मुताबिक शर्मा के पड़ोसी बताते हैं कि फतेहपुर सीकरी जाने वाले लोग रास्ते में रुककर आगरा का ग्रीन हाउस (green house agra) जरूर देखते हैं।

ग्रीनहाउस में 400 किस्मों के 1,000 से अधिक पौधे

ग्रीनहाउस में 400 किस्मों के 1,000 से अधिक पौधे

फलों, सब्जियों और फूलों की कई किस्में भरपूर मात्रा में लगाने के कारण स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व कर्मचारी चंद्रशेखर शर्मा के ग्रीन हाउस में लगभग 400 किस्मों के 1,000 से अधिक पौधे हैं। गर्व से अपने घर को 'ग्रीनहाउस' कहने वाले शर्मा बताते हैं कि आगरा में उनका घर भीड़भाड़ वाले इलाके में था। एक मीडिया रिपोर्ट में शर्मा ने बताया, उन्होंने अपने घर की सभी दीवारों पर अलग-अलग किस्मों के पौधे पेड़ लगाए। गमलों में भी पौधे लगाए। अनार, नींबू, और संतरे के पेड़ों के अलावा चमेली, गुलाब, बोगनविलिया, और ट्यूलिप जैसे फूल इनके घर के सौंदर्य में चार चांद लगाते हैं। सब्जियों के भी कई पौधे लगाए गए हैं। इतनी विविधता पक्षियों के साथ-साथ कीड़ों और बंदरों को भी आकर्षित करती है।

शर्मा ने आगरा में खिलाया दुर्लभ लोटस

शर्मा ने आगरा में खिलाया दुर्लभ लोटस

चंद्रशेखर शर्मा इतनी बड़ी मात्रा में पेड़-पौधे लगाने के संबंध में कहते हैं कि उन्हें अपने पौधों और पेड़ों से प्यार है। उन्होंने बताया कि उनके घर में लगे पेड़-पौधे परिवार का ही अंग हैं। घर का अधिकांश भाग पौधों और वाटर लिली से भरा हुआ है। वाटर लिली पानी के आसपास यानी तालाब जैसी जगहों पर अधिक और आसानी से विकसित होते हैं। आगरा जैसी जगह पर कमल के फूल काफी कम उपजते हैं, लेकिन शर्मा ने कमल का फूल भी उपजाया है।

दूसरों को किया इंस्पायर

आगरा के ग्रीन हाउस की अधिकांश बाहरी दीवारें ऊपर की ओर बढ़ने / फैलने वाली लताओं और बेल के आकार के पौधों से ढकी हुई हैं। वर्टिकल गार्डन के रूप में लोकप्रिय ऐसी संरचना पूरी दुनिया में पॉपुलर हो रही है। इन्होंने लगभग दो दर्जन से अधिक लोगों को ग्रीन हाउस मॉडल अपनाने के लिए प्रेरित भी किया है।

ग्रीन हाउस में ऐसे होती है सिंचाई

ग्रीन हाउस में ऐसे होती है सिंचाई

टीओआई की रिपोर्ट में चंद्रशेखर शर्मा बताते हैं कि उनके घर में टपक सिंचाई प्रणाली यानी ड्रिप इरीगेशन सिस्टम नहीं लगा है। ऐसे में वे पानी बाल्टी में भरने के बाद सिंचाई करते हैं। पाइप के पानी से भी सिंचाई की जाती है। एक अन्य रिपोर्ट में उन्होंने बताया कि किसी भी बीज को बोने से पहले उन्हें कई कारकों पर विचार करना होता है। जैसे- घर में सूर्य की किरणें कहां से और किस दिशा से आएंगी। किस हिस्से में छाया होगी। आगरा की जलवायु, मिट्टी, जल स्तर और पर्यावरण की गुणवत्ता से चिंतित शर्मा बताते हैं कि वे केवल सर्दियों में सर्वाइव करने वाले पौधों को उगाने के बजाय, ऐसे पौधों की तलाश करते हैं जो साल के आठ या नौ महीने खिलें और हरे-भरे रहें।

इसलिए जरूरी है पौधे लगाना

इसलिए जरूरी है पौधे लगाना

ग्रीन हाउस के गार्डन से फलों, सब्जियों और फूलों की भरपूर आपूर्ति के अलावा ग्रीन हाउस में रह रहे चंद्रशेखर शर्मा और आसपास के लोगों को हवा में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन मिलती है। एयर क्वालिटी इंडेक्स के पैमाने पर हवा की गुणवत्ता में भी सुधार हुआ है। दीवारें ठंडी बनी रहती हैं। नमी कम हो गई है। आगरा की भीषण गर्मी में उनके घर के अंदर का तापमान हमेशा 4 से 5 डिग्री कम रहता है। दूसरे लोगों से ग्रीन हाउस पैटर्न अपनाने की अपील करते हुए शर्मा कहते हैं, उनकी चाहत है कि आगरा प्यारा हो। जब तक हम पेड़ नहीं लगाएंगे, आगरा का तापमान बढ़ता रहेगा।

बगीचे में घर या घर में बगीचा !

बगीचे में घर या घर में बगीचा !

चंद्रशेखर शर्मा के ग्रीन हाउस में कई विदेशी पौधे देखे जा सकते हैं। जापानी बोन्साई और अन्य विदेशी पौधे लगान के बारे में शर्मा बताते हैं कि उनका मुख्य ध्यान ऐसे पौधों पर है जो आगरा की गर्म जलवायु में पनपते हों। उन्होंने कहा कि वे कुछ नया करने की कोशिश करना चाहते हैं। लोग कहते हैं कि उनके घरों में बगीचा है, लेकिन मेरा घर बगीचे में है।

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