अब रात में टिड्डियों से निपटेंगे ड्रोन, DGCA ने दी अनुमति
नई दिल्ली। पिछले कुछ दिनों से देश में टिड्डियों के दल ने हमला बोल रखा है। टिड्डियों के हमले से किसानों की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। इन टिड्डियों ने बड़े स्तर पर फसल को चट्ट कर दिया है। ऐसे में टिड्डियों पर ड्रोन से नजर रखने की कृषि मंत्रालय ने डीजीसीए से अनुमति मांगी थी, जिसे डीजीसीए ने स्वीकृति दे दी है। दरअसल कृषि विभाग ने इन टिड्डियों पर रात में नजर रखने के लिए अनुमति मांगी थी। इसमे कहा गया था कि रात में बैटरी से चलने वाले ड्रोन की बजाए इंजिन पॉवर्ड ड्रोन की अनुमति दी जाए, जिसे मंजूर कर लिया गया। बता दें कि पिछले करीब डेढ़ वर्ष से देश के कई हिस्सों में पाकिस्ताान की ओर से आई टिड्डियों ने किसानों को परेशान कर रखा है। विशेषकर पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर, जैसलमेर एवं बीकानेर जिले में किसानों की करोड़ों रुपए की फसलों को टिड्डियों ने बर्बाद कर दिया है।

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बता दें कि टिड्डियों से निपटने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल करने वाला भारत पहला देश है। उड्डयन मंत्रालय के ज्वाइंट सेक्रेटेरी अभय दूबे ने इस बाबत कहा कि कृषि मंत्रालय को रात्रि में ड्रोन की अनुमति मिलने पर बधाई, यह अपने आप में भारत में पहला प्रयोग है। इस अनुमति के मिलने के बाद अब ड्रोन 50 किलोग्राम तक का वजन लेकर उड़ सकते हैं, इससे पहले सिर्फ 25 किलोग्राम तक के सामान की ही अनुमति थी। इंजिन से चलने वाले ड्रोन बैटरी की तुलना में तीन गुना अधिक उड़ान भर सकते हैं और 60 फीसदी अधिक उर्वरक गिरा सकते हैं।
मौजूदा समय में कृषि विभाग 12 ड्रोन का इस्तेमाल पश्चिमी और केंद्रीय राज्यों में कर रहा है। इस अनुमति के बाद जल्द ही 13 और ड्रोन को इसके लिए इस्तेमाल किया जाएगा। कृषि विभाग ने पांच ड्रोन कंपनियों के साथ करार किया है और इनका इस्तेमाल करते पौधों के उपर स्प्रे का छिड़काव किया जा रहा है। बता दें कि अलीगढ़, बदायूं, श्रावस्ती, कासगंज तथा कानपुर देहात के पास टिड्डियों का कहर जारी है। रविवार को कानपुर के गंगा बैराज और आसपास के इलाकों में टिड्डी दल देखा गया है, जो जालौन की तरफ से आया है। टिड्डी दल को देखते हुए कानपुर के जिलाधिकारी ने अलर्ट जारी किया है। साथ ही कहा कि सभी लोग टिड्डी दल से बचाव के लिए शासन के निर्देशों का पालन करें।












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