दिल्ली वालों को मिलेगी ताजी सब्जी, किसानों को भी राहत

उपभोक्ताओं को रियायती दर पर ताजी सब्जियां उपलब्ध कराने के लिए चालू वित्त वर्ष से शुरू की योजना शहरी समूहों के लिए सब्जी योजना का पहला चरण पूरा हो गया है। इसके तहत योजना से देश भर से 1.32 लाख किसानों को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। लगभग दस हजार हेक्टेयर क्षेत्र मे सब्जियों के संकर बीजों की खेती भी शुरू हो गयी है। साथ ही विशेष वाहनों के जरिए आपूर्ति एवं बिक्री के लिए अब तक सत्रह राज्यों में मंडियों की पहचान का काम भी पूरा हो गया है।
कृषि मामलों की संसदीय सलाहकार समिति की बैठक के बाद कृषि मंत्री शरद पवार ने बताया कि 300 करोड़ रुपये की इस योजना के तहत अब तक केंद्र सरकार 207 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है। इस योजना के पहले चरण में चारों महानगरों और राज्यों की राजधानियों को शामिल किया गया है। इसके तहत इन शहरों के निकट सब्जियों के संकर बीजों के उत्पादन का काम शुरू हो चुका है।
योजना में 138 किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को शामिल करते हुए 7484 कृषक हित समूहों (एफआईजी) में लगभग 1.32 लाख किसानों को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 3061 एफआईजी और 50 एफपीओ में 0.62 लाख किसानो को लामबंद किया जा चुका है। पवार के मुताबिक उत्तर प्रदेश को छोड़कर अन्य सत्रह राज्यों में मंडियों की पहचान का काम पूरा हो चुका है। उत्पादक क्षेत्रों से मंडियों तक सब्जियों की आपूर्ति के विशेष तरह के वाहन खरीदे जा रहे हैं। विशेष डिजाइन के सब्जी ढ़ुलाई वाले वाहनों को हरियाणा, महाराष्ट्र और कर्नाटक आदि राज्यों से खरीदा गया है। हैदराबाद और भोपाल को इन वाहनों को दे दिया जा चुका है। जबकि अन्य राज्यों के लिए वाहन के डिजाइन को अंतिम रूप दिया जा रहा है और उन्हें जल्द ही ये वाहन उपलब्ध करा दिए जाएंगे।












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