World Ozone Day 2021 Theme : जानिए इस साल वर्ल्ड ओजोन डे की थीम और कब हुई थी इस दिन को मनाने की शुरुआत

नई दिल्ली, सितंबर 15। वर्ल्ड ओजोन डे हर साल 16 सितंबर को मनाया जाता है। इस दिन को मनाने के पीछे का उद्देश्य ओजोन लेयर की रक्षा करने का होता है। साथ ही इस दिन लोगों को ओजोन परत के बारे में जागरूक भी किया जाता है। ओजोन परत की रक्षा के लिए पिछले दो दशक से वैज्ञानिकों के द्वारा हर संभव उपाय किए जा रहे हैं। ऐसे में 16 सितंबर 2021 को एक बार फिर ओजोन परत को बचाने के लिए जागरूकता अभियान के साथ वैज्ञानिक नए रास्ते और नुकसान के बारे में बताएंगे।

World Ozone Day 2021 Theme

वर्ल्ड ओजोन डे 2021 की थीम

बात करें वर्ल्ड ओजोन डे 2021 की थीम की तो इस साल की थीम है, "मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल - हमें, हमारे भोजन और टीकों को ठंडा रखना" है। इस वर्ष के विश्व ओजोन दिवस पर प्रकाश डाला गया है, मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल बहुत कुछ करता है - जैसे कि जलवायु परिवर्तन को धीमा करना और ठंडे क्षेत्र में ऊर्जा दक्षता को बढ़ावा देने में मदद करना, जो खाद्य सुरक्षा में योगदान देता है। इस साल की तीम को 197 देशों के द्वारा मंजूरी दी गई है।

क्या होती है ओजोन परत

आपको बता दें कि ओजोन परत वो सुरक्षा कवच है, जो सूर्य से निकलने वाली हानिकारक अल्ट्रावाइलट किरणों से पृथ्वी को बचाती है। अगर ये परत ना हो तो पृथ्वी पर रहने वाले लोगों को कई तरह की त्वचा संबंधी बीमारियों का सामना करना पड़ेगा। इसीलिए वैज्ञानिक इस लेयर को होने वाले नुकसान को लेकर चिंतिंत हैं। ऐसा कहा जा सकता है कि इस परत के बिना पृथ्वी पर जीवन मुमकिन नहीं होता।

कैसे ओजोन डे को मनाने की हुई शुरुआत?

वैज्ञानिकों ने साल 1970 के अंत में ओजोन परत में छेद होने का दावा किया था। इसके बाद 80 के दशक में दुनियाभर की कई सरकारों ने इस समस्या को लेकर चिंतन करना शुरू कर दिया। साल 1985 में ओजोन लेयर की रक्षा के लिए वियना कन्वेंशन को अपनाया। इसके बाद 19 दिसंबर 1994 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 16 दिसंबर की तारीख को अंतरराष्ट्रीय ओजोन डे मनाने का फैसला किया। साल 1995 में पहला वर्ल्ड ओजोन डे मनाया गया।

ओजोन परत को कैसे पहुंचता है नुकसान?

ओजोन परत को नुकसान पहुंचाने के प्राकृतिक कारकों में सौर क्रिया, नाइट्रस ऑक्साइड, प्राकृतिक क्लोरीन, वायुमंडलीय संरचरण, पृथ्वी के रचनात्मक प्लेट किनारों से निकलने वाली गैस तथा केन्द्रीय ज्वालामुखी उद्गार से निकलने वाली गैसें प्रमुख हैं। आसान भाषा में कहें तो हम जो एसी और फ्रीज का इस्तेमाल अपने घरों में करते हैं, उनसे निकलने वाली गैस ओजोन परत को नुकसान पहुंचाती है। हालांकि पिछले काफी समय से अब उस गैस का इस्तेमाल कम किया जाने लगा है, जिससे ओजोन परत को नुकसान पहुंचता है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+