Alert! खुली खिड़की भी नहीं बचा पाएगी जान, कार में सोने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
Why Sleeping In Car Is Dangerous: अक्सर सफर के दौरान थकान होने पर हम कार किनारे लगाकर झपकी ले लेते हैं और सुरक्षा के लिए खिड़की को थोड़ा खुला छोड़ देते हैं। लेकिन यह जान लेना जरूरी है कि बंद कार के भीतर वेंटिलेशन कम होने की वजह से जहरीली गैसें जमा हो जाती हैं या तापमान बेहद खतरनाक स्तर तक पहुंच जाता है, जो मौत का कारण बन सकता है। दुनिया भर में हर साल ऐसे कई मामले दर्ज होते हैं जहां लोग पार्क की गई कार में सोते समय अपनी जान गंवा देते हैं।
कार में मौत का सबसे बड़ा खतरा कार्बन मोनोऑक्साइड गैस से होता है। यदि कार का इंजन चालू है, तो साइलेंसर से निकलने वाली यह गैस कार की छोटी दरारों या खराब सील या थोड़ी खुली खिड़की के जरिए अंदर रिस सकती है। यह गैस रंगहीन और गंधहीन होती है, जिससे सोते हुए व्यक्ति को इसका एहसास भी नहीं होता।

कुछ ही मिनटों में हो सकती है मौत
यह खून में ऑक्सीजन के प्रवाह को रोक देती है, जिससे व्यक्ति बेहोश हो जाता है और कुछ ही मिनटों में उसकी मृत्यु हो सकती है। खिड़की थोड़ी खुली रखने पर भी यह खतरा पूरी तरह खत्म नहीं होता। मौसम की स्थितियां इस जोखिम को और भी गंभीर बना देती हैं। गर्मियों में कार के भीतर का तापमान मात्र 30 मिनट में 50 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक हो सकता है, जिससे हीटस्ट्रोक का खतरा रहता है।
वहीं, सर्दियों में रात के समय कार का तापमान इतना गिर सकता है कि व्यक्ति हाइपोथर्मिया (शरीर का तापमान खतरनाक रूप से गिरना) का शिकार हो जाए। इसके अलावा, सड़क किनारे असुरक्षित जगहों पर कार पार्क करके सोने से तेज रफ्तार वाहनों की टक्कर होने का खतरा भी बना रहता है।
एनडीटीवी कि रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका की नेशनल हाईवे ट्रैफिक सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन (NHTSA) हर साल हजारों सड़क हादसों को नींद में ड्राइविंग से जोड़ती है। इनमें कई मामले ऐसे भी होते हैं, जहां गाड़ियां खड़ी थीं और उनके अंदर बैठे लोग सो रहे थे। भारत में भी हालात कुछ अलग नहीं हैं। ट्रांसपोर्ट स्टडीज के अनुसार, सड़क हादसों में होने वाली करीब 19 प्रतिशत पीछे से टक्करों की वजह ड्राइवर की थकान होती है।
AC चलाकर कार में सोने क्या होगा?
AC चलाकर (इंजन ऑन करके) कार में सोना बहुत खतरनाक है, क्योंकि इससे जानलेवा कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) पॉइज़निंग का खतरा होता है। यह गैस छोटे-मोटे एग्जॉस्ट लीक या ब्लॉकेज से भी अंदर आ सकती है, जिससे ऑक्सीजन की कमी, दौरे पड़ना और मौत हो सकती है। छोटी झपकी के लिए, इंजन बंद कर दें, हवा आने-जाने के लिए खिड़कियां थोड़ी खोल दें।
क्या कार में हीटर चालू करके सो जाना सुरक्षित है?
सर्दी के मौसम में अक्सर लोग कार के अंदर हीटर चलाना पसंद करते हैं, लेकिन लंबे समय तक हीटर चलाने से कार के केबिन में ऑक्सीजन का लेवल कम हो सकता है। अगर वेंटिलेशन ठीक न हो या कोई लीकेज हो, तो कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी खतरनाक गैस जमा होने लगती है, जो चक्कर, बेहोशी और मौत का कारण बन सकती है।
कार में झपकी लेने से पहले गांठ बांध लें ये बातें
- इंजन को पूरी तरह बंद करें: सुरक्षित रहने के लिए सबसे महत्वपूर्ण यह है कि कभी भी इंजन चालू रखकर कार में न सोएं, उसे पूरी तरह बंद कर दें।
- सुरक्षित जगह का चुनाव: यदि नींद आ रही हो, तो हमेशा अच्छी रोशनी वाली और सुरक्षित जगहों, जैसे पेट्रोल पंप या पार्किंग लॉट में ही रुकें।
- खिड़की और हवा का ध्यान: ताजी हवा के लिए खिड़की को बहुत हल्का सा खोलें, लेकिन ध्यान रहे कि प्रदूषण वाले इलाकों में ऐसा करने से बचें।
- थकान से बचने के लिए पानी पिएं और हल्का खाना खाएं।
- अलार्म का उपयोग: गहरी नींद में जाने से बचने के लिए मोबाइल में 20-30 मिनट का अलार्म जरूर लगाएं।
- होटल को प्राथमिकता: यदि संभव हो, तो कार में सोने के बजाय किसी सुरक्षित होटल का चुनाव करना कहीं ज्यादा बेहतर है।












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