Radhika Yadav: राधिका यादव का हत्यारा पिता सही या गलत? सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस, हो रहीं तरह-तरह की बातें

Radhika Yadav Case: राधिका यादव मर्डर केस ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। सोशल मीडिया पर कुछ लोग इस हैवानियत को भी सही ठहराने में लगे हैं। टेनिस खिलाड़ी की हत्या को लेकर पूरा सोशल मीडिया समाज दो गुटों में बंट गया है। घटना पर लोगों के अलग-अलग रिएक्शन की भरमार है।

मामले में जबसे हिंदू-मुस्लिम एंगल आया है लोग अपनी राय दे रहे हैं। कुछ लोग इसे इज्जत और सम्मान के नाम पर सही ठहरा रहे हैं तो कुछ इसे सीधा मर्डर बताकर आरोपी पिता को फांसी देने की मांग कर रहे हैं।

ऐसे में सवाल उठता है कि क्या किसी भी हाल में बेटी की हत्या को सही ठहराया जा सकता है। समाज के तथाकथित मान-सम्मान के लिए किसी की जान लेना कभी भी जायज नहीं हो सकता है। और यही सवाल अब सोशल मीडिया को बांट रहा है।

Radhika Yadav Case

दरअसल, राधिका यादव की दोस्त हिमांशिका सिंह ने सोशल मीडिया पर अपनी एक पोस्ट में परिजनों पर गंभीर आरोप लगाया है। हिमांशिका ने बताया कि राधिका के घर वाले उसके ऊपर बहुत निगरानी रखते थे। उन्होंने इस मामले में लव-‍जिहाद की खबरों को भी झूठा करार दिया।

हिमांशिका ने सवाल किया कि 'लव जिहाद के दावे करने वालों के पास कोई सबूत क्यों नहीं है? राधिका की दोस्‍त ने बताया कि वो किसी से बातचीत भी नहीं करती थी। मुझे याद है कि वीडियो कॉल पर भी उसे दिखाना पड़ता था कि वो हिमांशिका से बात कर रही है। उसे बहुत रोका-टोका जाता था।'


सोशल मीडिया पर यूजर्स के रिएक्शन
राधिका का मर्डर केस सोशल मीडिया पर हिंदू-मुस्लिम या फिर लव जिहाद का एंगल आने के बाद ही दो गुटों में बंट गया। इंस्टाग्राम पर 'भारद्वाज' नाम के यूजर ने कहा कि, 'क्यों ज्ञान दे रहे हो पीड़ित परिवार को! दूसरे के घर के कलह के बारे में क्या जानोगे? बेचारी लड़की मारी गई और परिवार बर्बाद हो गया।'

एक अन्य गीता गुर्जर नाम की यूजर ने लिखा, जिन्हें अपने ही घर और मां-बाप के साथ घुटन महसूस होने लगे समझो वो फिर फ्रिज और सूटकेस में खुली सांस लेने की तैयारी कर चुकी हैं। एक बेटी को दुनिया में बाप से ज्यादा प्यार और लाड़ कोई नहीं कर सकता। ये लड़कियां ही मजबूर करती है राधिका जैसी को अपनो से दूर करने में।'

'कुछ तो बात है जो पिता ने ऐसा कदम उठाया होगा'
एक अन्य सुमित राजपूत नाम के यूजर ने लिखा, 'वैसे अपनी अपनी सोच है लेकिन जो बाप अपनी बेटी को खेल में इतना सपोर्ट करे। उसके लिए 2 करोड़ रुपए लगाकर एकेडमी भी खुलवाये वो इतनी रिस्ट्रिक्शंस नहीं लगाएगा और इस पिता ने सही मैं बेटी को काबिल बनाया भी था। कोई माने या ना माने लेकिन कुछ तो बात तो है जो इस पिता ने कदम उठाया है।

'किसी को भी किसी की जान लेने का हक नहीं है'
इंस्टाग्राम पर 'सीरियस जोकर' नाम की एक यूजर ने लिखा, 'कुछ लोग उसके पिता के कृत्य का बचाव कैसे कर सकते हैं, चाहे वजह कुछ भी हो, किसी को भी किसी की जान लेने का हक नहीं है। मानते हैं कि उसने बेटी को पाला और सारा पैसा खर्च किया, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप उसकी जिंदगी पर नियंत्रण कर सकते हैं। यह एक निर्मम हत्या थी... बस!!

मामले में आगे क्या हुआ?
टेनिस प्लेयर राधिका यादव मर्डर केस में कोर्ट ने पिता दीपक यादव को ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया है। इससे पहले गुरुग्राम पुलिस ने दीपक को कोर्ट में पेश किया था और दो दिन की रिमांड मांगी, लेकिन कोर्ट ने एक दिन की पुलिस रिमांड दी थी।

बेटी की हत्या के आरोपी दीपक की 12 जुलाई को एक दिन की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। अगली पेशी तक अब आरोपी जेल में ही रहेगा।

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