Watch: 'मेरी दुल्हन को क्यों रुलाया?'– फट पड़ा मंगेतर! लहंगे पर चले चाकू, बोला- हट पीछे, तुझे भी काट दूंगा
Kalyan Lehenga Dispute Video: महाराष्ट्र के कल्याण में एक मामूली लहंगा रिफंड विवाद ने खतरनाक मोड़ ले लिया, जब एक व्यक्ति ने गुस्से में चाकू निकालकर न केवल लहंगे को टुकड़े-टुकड़े कर दिया, बल्कि दुकानदार को भी जान से मारने की धमकी दी।
यह सनसनीखेज घटना मुंबई से 57 किमी दूर कल्याण के एक मशहूर गारमेंट स्टोर में शनिवार, 19 जुलाई 2025 की शाम को हुई। पूरी वारदात दुकान के CCTV में कैद हो गई, जिसके आधार पर पुलिस ने आरोपी सुमित सयानी को गिरफ्तार कर लिया। आइए जानते हैं विस्तार से...

क्या थी घटना?
पुलिस के मुताबिक, सुमित सयानी की मंगेतर ने कुछ दिन पहले कल्याण के बाजारपेठ इलाके में स्थित एक गारमेंट स्टोर से 32,000 रुपये का नीला लहंगा खरीदा था। शादी की तैयारियों के लिए चुना गया यह लहंगा उनकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। शनिवार शाम को वह दुकान पर लहंगा वापस करने पहुंचीं, लेकिन दुकानदार ने रिफंड देने से साफ इनकार कर दिया और उसी कीमत पर दूसरा सामान खरीदने का सुझाव दिया। इस बात से सयानी इतने नाराज हुए कि उन्होंने अपनी जेब से काला चाकू निकाला और लहंगे को फाड़ना शुरू कर दिया।
CCTV फुटेज में सयानी को गुस्से में लहंगे को पैरों तले कुचलते और साथ आए ब्लाउज को चाकू से काटते देखा गया। इसके बाद उन्होंने दुकानदार की ओर चाकू लहराते हुए धमकाया, 'पीछे हट, वरना तुम्हें भी काट दूंगा। पैसे वापस करो!' दुकानदार ने शांत रहकर स्थिति को संभालने की कोशिश की और फटे लहंगे को जमीन से उठाया, लेकिन सयानी का गुस्सा शांत नहीं हुआ। वह दुकान में इधर-उधर चक्कर लगाते रहे, जिससे अन्य ग्राहकों में भी दहशत फैल गई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
दुकानदार की शिकायत पर बाजारपेठ पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और सुमित सयानी को हिरासत में ले लिया। उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 351(2) (आपराधिक धमकी) और 427 (संपत्ति को नुकसान पहुंचाना) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
कल्याण पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक संतोष घनवट ने बताया, 'आरोपी ने दुकान में हिंसक व्यवहार किया और दुकानदार को जान से मारने की धमकी दी। CCTV फुटेज से वारदात की पुष्टि हुई है।
क्या है विवाद की जड़?
पुलिस जांच में पता चला कि सयानी और उनकी मंगेतर लहंगे की क्वालिटी से नाखुश थे, और दुकानदार की 'नो रिफंड' पॉलिसी ने उनके गुस्से को भड़काया। दुकानदार ने पुलिस को बताया, 'हमारी पॉलिसी के मुताबिक, सिला हुआ लहंगा रिटर्न नहीं होता। हमने उन्हें दूसरा लहंगा लेने का विकल्प दिया, लेकिन सयानी ने बातचीत की बजाय हिंसा चुनी।' यह घटना उपभोक्ता अधिकारों और दुकानों की रिफंड नीतियों के बीच तनाव को भी उजागर करती है। यह वारदात न केवल एक आपराधिक घटना है, बल्कि समाज में बढ़ते गुस्से और हिंसक प्रवृत्तियों पर भी सवाल उठाती है।
पुलिस ने बताया कि सयानी से पूछताछ जारी है, और उनकी मंगेतर से भी बयान लिया जाएगा। दुकानदार ने नुकसान की भरपाई की मांग की है, और यह मामला उपभोक्ता अधिकारों की बहस को भी तेज कर सकता है। क्या सयानी को अपनी हरकत की सजा मिलेगी, और क्या यह घटना दुकानों की नीतियों में बदलाव लाएगी? यह समय बताएगा।












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