Julie Matuknath Love Story: मेंटल अस्पताल में है मटुकनाथ वाली जूली? वायरल तस्वीर देखकर लव गुरु पर भड़के लोग
Julie Matuknath Love Story: पटना विश्वविद्यालय के चर्चित 'लव गुरु' प्रोफेसर मटुकनाथ एक बार फिर से सुर्खियो में हैं, 71 साल की उम्र में भी अपने लिए जीवनसाथी खोजने वाले मटुकनाथ इन दिनों सोशल मीडिया पर यौन संबंधों की बातें कर रहे हैं, जिसकी वजह से वो फिर से लोगों के निशाने पर आ गए हैं तो वहीं उनकी बेटी की उम्र की प्रेमिका-शिष्या जूली विदेश में बुरे स्वास्थ्य की मार सह रही है।
दरअसल जूली की एक तस्वीर वायरल हो रही है जिसमें उसकी हालत काफी खराब नजर आ रही है। उस तस्वीर को देखने के बाद कोई अंदाजा नहीं लगा पाएगा कि जो जूली आज एकदम कमजोर सी दिखाई पड़ रही है वो कभी बेइंतहा हसीन हुआ करती थीं।

ये तस्वीर अभी की है या फिर पुरानी, इसका दावा वनइंडिया हिंदी नहीं करता है लेकिन इसमें कोई शक नहीं कि इस तस्वीर ने जूली-मटुकनाथ की बदनाम प्रेम कहानी को सबके जेहन में ताजा जरूर कर दिया है। मालूम हो कि जूली और मटुकनाथ को इश्क ने जिल्लत और रूसवाई के अलावा कुछ नहीं दिया।
साल 2006 में सामने आई थी Julie Matuknath की Love Story
दोनों के प्यार ने उम्र के फासले को तो तय कर लिया था लेकिन समाज और परिवार की नफरत को नहीं सह पाए। आपको बता दें कि साल 2006 में मटुकनाथ और जूली के प्यार की कहानी लोगों के सामने खुलकर आई थी, जिसके बाद पटना समेत पूरे बिहार में ये मामला चर्चित हो गया था।

Julie Matuknath Love Story: जमकर हुई थी जूली-मटुकनाथ की बदनामी
एक शादीशुदा प्रोफेसर का अपनी बेटी के बराबर शिष्या से प्रेम करना लोगों को रास नहीं आया था लेकिन समाज और लोगों की परवाह ने करते हुए दोनों अपने प्यार के लिए एक-दूसरे के साथ खड़े रहे। उल्टा दोनों 'लव गुरु' बनकर टीवी चैनलों की डिबेट में दिखने लगे लेकिन इन सबके चक्कर में दोनों को अपने-अपने परिवार से हाथ धोना पड़ा।
जूली की तस्वीर हुई वायरल, मटुकनाथ पर भड़के लोग
साल 2020 में दोनों की प्रेमकहानी दोबारा से चर्चा में आई थी क्योंकि जूली की उस वक्त भी एक तस्वीर वायरल हुई थी, जिसमें वो बेहद ही बीमार नजर आ रही थीं। कभी अपनी खूबसूरती के लिए पटना विवि में मशहूर जूली की ये फोटो देखकर हर कोई हैरान रह गया था। तब मटुकनाथ पर उसे यूज करके छोड़ देने का आरोप लगा था, जिस पर मटुकनाथ ने इस पर सफाई दी थी।

Julie Matuknath Love Story: जूली ने छोड़ा सांसरिक जीवन!
उन्होंने कहा था कि 'वो और जूली अब साथ नहीं क्योंकि जूली इंडिया में नहीं वेस्टइंडीज में है, उसका सांसरिक मोहमाया से मन उठ चुका है। वो वेस्टइंडीज के त्रिनिदाद (पोर्ट ऑफ स्पेन) आश्रम में है और कृष्णभक्ति में लीन है। मैं और वो साल 2007 से साल 2014 तक हम साथ थे लेकिन 2015 में वो मुझे छोड़कर वेस्टइंडीज चली गई, मुझे जब पता चला कि वो बीमार है तो मैं वहां गया भी था औऱ उसके साथ 4 महीने रहा लेकिन मेरा मन वहां नहीं लगा और फिर मैं यहां आ गया, वो सांसरिक जीवन में वापस नहीं आना चाहती इसलिए वो नहीं आई। मैंने किसी को इग्नोर नहीं किया।'

Julie Matuknath Love Story: मटुकनाथ और जूली ने शादी नहीं की
'मैं जब वापस आया तो उसके बाद ही कोरोना काल शुरू हो गया और लॉकडाउन लग गया।' आपको बता दें कि मटुकनाथ और जूली की शादी नहीं हुई है। मटुकनाथ को आज भी इस रिश्ते पर कोई अफसोस नहीं है लेकिन उम्र के इस पड़ाव वो तन्हा ही जीवन गुजार रहे हैं। मटुकनाथ तो कह रहे हैं कि जूली आश्रम में साध्वी बन गई हैं लेकिन सोशल मीडिया पर कहा जा रहा है कि वो त्रिनिडाड के एक सरकारी मेंटल हॉस्पिटल में हैं।
क्या डिप्रेशन में है मटुकनाथ की जूली?
आपको बता दें कि कई मीडिया रिपोर्ट में गया कि 'जूली और मटुकनाथ का रिलेशन सामने आने के बाद जूली को भी उनके घरवालों ने घर से निकाल दिया था, वो उपेक्षित जीवन जीते-जीते डिप्रेशन में चली गई थीं।'
मटुकनाथ की बेवफाई सामने आई, भड़के लोग
तो वहीं सोशल मीडिया पर लोग जूली की इस हालत के लिए उसकी कच्ची उम्र की समझ और मटुकनाथ की बेवफाई को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। लोगों का कहना है कि 'अगर मटुकनाथ सच में ही जूली को प्यार करते थे तो उसे पत्नी का दर्जा क्यों नहीं दिया?'
Matuknath को बुरा-भला बोल रहे हैं लोग
तो वहीं एक यूजर ने जूली की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा है कि ' त्रिनिडाड के एक सरकारी मेंटल हॉस्पिटल में एकदम अकेले जीवन और मौत से जूझ रही यह महिला जूली है वही जूली जो कभी मटुकनाथ की प्रेमिका हुआ करती थी।कम उम्र में हारमोंस के दबाव में किया गया प्यार एक आत्मघाती कदम ही होता है। जूली एक शादीशुदा प्रोफेसर मटुकनाथ के प्यार में पड़ गई। मटुकनाथ जो एक नंबर का धूर्त था, उसने जूली को अपने प्यार में फंसाया। और कुछ सालों तक उसके साथ लिव-इन में रखा और जूली की जिंदगी खराब कर दी।'
71 साल की उम्र में तन्हा मटुकनाथ, परिवार नहीं करता बात
आपको बता दें कि मटुकनाथ इन दिनों ककोरचक्का गांव में ओशो इंटरनेशनल स्कूल चला रहे हैं, जहां इस वक्त करीब 40 स्टूडेंट हैं, परिवारवाले उन्हें बेदखल कर चुके हैं। उन्होंने अक्टूबर 2018 में सेवानिवृत्ति ले ली थी और इन दिनों वो पेंशन और स्कूल की कमाई से खुद का पालनपोषण कर रहे हैं।












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