Love Story: मुस्लिम Khushbu Sundar ने की है हिंदू से शादी, 15 साल में हुई थीं यौन शोषण की शिकार
Khushbu Sundar Love Story: राजनेताओं की प्रेम कहानी की कड़ी में आज बात उस मु्स्लिम नेता की जिसने अभिनय की दुनिया से राजनीति में कदम रखा और रूपहले पर्दे की तरह यहां पर भी अपनी एक खास जगह बना ली,वो अक्सर अपने बयानों के कारण सुर्खियों में रहती हैं, जी हां आपने सही समझा यहां पर बात हो रही है भाजपा की दिग्गज नेता और मशहूर अभिनेत्री खुशबू सुंदर की, जो कि बड़ी ही साफगोई से अपनी बात लोगों के समक्ष रखती है वो भी बिना किसी की परवाह किए।
आपको बता दें कि बीबीसी तमिल से बात करते हुए खुशबू सुंदर ने एक बेहद ही चौंकाने वाली बात कही थी, उन्होंने कहा कि जब वो 15 साल की थीं तब उनके पिता ने ही उनका यौनशोषण किया था, जिसके बाद उनकी मां को घर छोड़ना पड़ा था क्योंकि उन्होंने इसका विरोध किया था।

मालूम हो कि बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट अपने फिल्मी करियर की शुरुआत करने वाली खुशबू सुंदर का असली नाम नखहत खान था लेकिन फिल्मों में आने से पहले उनका नाम उनके घरवालों ने खुशबू कर दिया, जिसकी वजह से वो फिल्मी दुनिया नें खुशबू खान के नाम से जानी जाती हैं।
'द बर्निंग ट्रेन' से रखा रूपहले पर्दे पर कदम (Khushbu Sundar Love Story)
करीब 200 से ज्यादा फिल्वों में काम करने वाली खुशबू सुंदर ने अपने करियर की शुरुआत हिंदी फिल्म 'द बर्निंग ट्रेन' (1980) में एक चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर की थी। 1980 से 1985 के बीच, उन्होंने नसीब, लावारिस, कालिया, दर्द का रिश्ता और बेमिसाल जैसी कई हिंदी फिल्मों में चाइल्ड एक्टर के रूप में काम किया। 1982 की इमोशनल हिंदी फिल्म 'दर्द का रिश्ता' से उन्होंने सबका ध्यान अपनी ओर खीचा था तो वहीं बॉलीवुड में उन्होंने फिल्म 'मेरी जंग' से बतौर अभिनेत्री कदम रखा।

Khushbu खान ने की हिंदू फिल्ममेकर से शादी (Love Story)
हिंदी सिनेमा में करियर की गाड़ी नहीं चलने की वजह से खुशबू ने साउथ सिनेमा का रूख किया और सफलता की नई कहानी लिखी। 200 से ज्यादा फिल्मों में काम करने वाली खुशबू काम के दौरान ही अभिनेता, निर्देशक और निर्माता विनयगर सुन्दर वेल उर्फ़ सुंदर सी से मिलीं और जल्द ही इनकी मुलाकात मोहब्बत में बदल गई।

क्या Khushbu ने अपनाया हिंदू धर्म? (Love Story)
लंबे अफेयर के बाद दोनों ने साल 2000 में शादी कर ली। बेपनाह खूबसूरती की इस मल्लिका ने शादी के बाद अपना सरनेम सुंदर रख लिया और खुशबू खान से खुशबू सुंदर बन गईं। इस शादी से खुशबू सुंदर को दो बेटियां हैं।शादी के बाद इनके बारे में कहा गया था कि इन्होंने हिंदू धर्म अपना लिया है इसलिए सरनेम खान हटाकर सुंदर किया है, जिस पर खुशबू ने खंडन करते हुए ऐसी बात फैलाने वालों की जमकर क्लास लगाई थी।
'कांग्रेस एक समझदार महिला नहीं चाहती'
खुशबू सुंदर ने अपना राजनीतिक करियर DMK के साथ शुरू किया था। खुशबू 14 मई 2010 को DMK में शामिल हुईं थीं लेकिन साल 2014 में इन्होंने DMK छोड़ दी, इसके बाद इन्होंने इंडियन नेशनल कांग्रेस ज्वाइन किया और कांग्रेस की नेशनल स्पोक्सपर्सन के तौर पर काम किया लेकिन 12 अक्टूबर 2020 को उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया और मीडिया में बयान दिया कि 'कांग्रेस एक समझदार महिला नहीं चाहती और पार्टी के अंदर सच बोलने की कोई आजादी नहीं है।'

भारतीय जनता पार्टी की अहम सदस्य हैं Khushbu Sundar
12 अक्टूबर 2020 को खुशबू भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गईं। वह अभी भारतीय जनता पार्टी की नेशनल एग्जीक्यूटिव कमेटी की सदस्य हैं, वो पार्टी की अहम सदस्यों में से एक हैं।












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