Budget 2025: ट्रेवलिंग होगी सस्ती! बजट का क्या होगा टूरिज्म सेक्टर पर असर? जानिए क्या हैं उम्मीदें
Budget 2025: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस साल अपना आठवां बजट पेश किया। लोकसभा में बजट पेश करने के बाद, उन्होंने इसे राज्यसभा में भी प्रस्तुत किया। बजट में पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कई अहम घोषणाएं की गईं।
सरकार 50 प्रमुख पर्यटन स्थलों को राज्यों के सहयोग से विकसित करेगी। इसके अलावा, होमस्टे को बढ़ावा देने के लिए मुद्रा लोन उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे यात्रियों के लिए यात्रा और कनेक्टिविटी को आसान बनाया जा सके।

भारत में मेडिकल टूरिज्म को भी बढ़ावा देने के लिए सरकार निजी क्षेत्र के साथ साझेदारी करेगी। साथ ही, मोदी सरकार भगवान बुद्ध से जुड़े पर्यटन स्थलों पर विशेष ध्यान देगी। यह केंद्रीय बजट 2025 मोदी सरकार 3.0 के तहत पेश किया गया दूसरा बजट है। इससे पहले, लोकसभा चुनाव के बाद पहला बजट जून में पेश किया गया था। पिछले बजटों की तरह, इस बजट में भी 2047 तक विकसित भारत (विकसित भारत 2047) के लक्ष्य को ध्यान में रखा गया है।
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पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी उद्योग की तेजी से बढ़ती मांग
इस क्षेत्र के जानकार लोगों का कहना है कि भारत का पर्यटन क्षेत्र प्रति वर्ष 24% की दर से बढ़ रहा है और अगले 10 वर्षों में 60 लाख से अधिक नई नौकरियां पैदा होंगी। कोविड के बाद हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में तेजी से सुधार हो रहा है, जिसे पर्यटन और कॉर्पोरेट यात्रा की बढ़ती मांग से मजबूती मिल रही है। कॉर्पोरेट ट्रैवल मार्केट 11.1% की वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) से बढ़ रहा है और FY30 तक $25.3 बिलियन तक पहुंचने की संभावना है। इस बढ़ती मांग को देखते हुए, भारत में 1 लाख से अधिक नए क्वालिटी होटल रूम की आवश्यकता है।
एविएशन सेक्टर भी पर्यटन को गति दे रहा है। 2023-24 में कुल हवाई यात्री संख्या 376.43 मिलियन (+15% YoY) तक पहुंच गई, जबकि विमान संचालन में 6.7% और माल ढुलाई में 7% की वृद्धि दर्ज की गई। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या भी महामारी से पहले के स्तर पर वापस आ गई है।
सरकार से क्या मांगें?
सरकार के कुछ महत्वपूर्ण कदम, जैसे ₹3,300 करोड़ का SASCI फंड, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए UDAN 5.1 योजना और हवाईअड्डा अधोसंरचना में सुधार, पर्यटन क्षेत्र को मजबूती दे रहे हैं। इसके अलावा, इस क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि प्रमुख अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के साथ वीजा-ऑन-अराइवल व्यवस्था को जल्द लागू करना इनबाउंड टूरिज्म को और बढ़ावा देगा। हालांकि, इस गति को बनाए रखने के लिए नियामकीय सरलता, वित्तीय प्रोत्साहन और स्थायी नीतियों की जरूरत है।
बजट में प्रमुख होटल परियोजनाओं को 'इन्फ्रास्ट्रक्चर स्टेटस' देने की मांग भी की जा रही है, ताकि निवेश को बढ़ावा मिल सके। साथ ही, प्रीमियम होटलों पर GST को 18% से घटाकर 12% करने की मांग, जिससे भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़े। लाइसेंसिंग प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग और नियामकीय बाधाओं को कम किया जाने की उम्मीद लोग कर रहे हैं। इसके अलावा, हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में स्थिरता और जिम्मेदार विकास को बढ़ावा देने के लिए टैक्स इंसेंटिव दिए जाने की उम्मीद है।
इसके अलावा, नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (NSDC) जैसे संगठनों के साथ मिलकर हॉस्पिटैलिटी कौशल विकास के लिए अधिक फंडिंग की जरूरत है। इन उपायों से भारत वैश्विक यात्रा गंतव्य के रूप में अपनी स्थिति मजबूत कर सकता है और लंबी अवधि में आर्थिक विकास को सुनिश्चित कर सकता है। अब देखना होगा कि बजट 2026 में सरकार इन मांगों पर कितना ध्यान देती है।
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