Budget 2025: कौन हैं बिहार की दुलारी देवी? जिनकी बनाई हुई 'मधुबनी साड़ी' पहन बजट पेश करेंगी निर्मला सीतारमण
Budget 2025 (Nirmala Sitharaman Madhubani saree): केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार आठवां केंद्रीय बजट पेश करने वाली हैं। बजट वाले दिन निर्मला सीतारमण हमेशा अपनी साड़ी को लेकर सुर्खियों में रहती हैं। इस बजट में निर्मला सीतारमण ने बिहार के मधुबनी कला के सम्मान में ''मधुबनी पेटिंग वाली साड़ी' पहनी हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक निर्मला सीतारमण की इस साड़ी को पद्म पुरस्कार से सम्मानित दुलारी देवी ने बनाई है।
दुलारी देवी 2021 पद्म श्री पुरस्कार की विजेता हैं। निर्मला सीतारमण जब मधुबनी गईं थीं तो उन्होंने दुलारी देवी से मुलाकात की थी। कहा जा रहा है कि निर्मला सीतारमण ने दुलारी देवी के कौशल को श्रद्धांजलि देने के लिए इस साड़ी को पहनी है। दुलारी देवी ने निर्मला सीतारमण को साड़ी भेंट की थी और बजट के दिन इसे पहनने के लिए कहा था। ऐसे में दुलारी देवी सुर्खियों में आ गई हैं। आइए जानें कौन हैं दुलारी देवी?

Who is Dulari Devi: कौन हैं दुलारी देवी?
🔴 दुलारी देवी बिहार की जानी-मानी मधुबनी पेंटर हैं। बिहार की कला को बढ़ावा देने के लिए दुलारी देवी को 2021 में पद्म श्री पुरस्कार दिया गया था। जब वित्त मंत्री मिथिला कला संस्थान में क्रेडिट आउटरीच गतिविधि के लिए मधुबनी गईं, तो उनकी मुलाकात दुलारी देवी से हुई थी। उसी दौरान दुलारी देवी ने वित्त मंत्री को साड़ी उपहार के तौर पर दी थी और उसे पहनने के लिए कहा था।
🔴 बिहार की मिथिला चित्रकार दुलारी देवी दलित समुदाय से संबंध रखती हैं। दुलारी देवी मधुबनी जिले के रांटी गांव में रहती हैं और उनकी उम्र 59 वर्ष है। दुलारी देवी ने स्कूली शिक्षा भी नहीं ली है। जब उन्हें पद्म श्री अवार्ड मिल रहा था तो ये क्या होता है...इसके बारे में भी उनको जानकारी नहीं थी।
🔴 दुलारी देवी ने अपनी जिंदगी में बहुत गरीबी देखी है। दुलारी देवी ने 25 साल तक कर्पूरी देवी और महासुंदरी देवी के यहां झाड़ू-पोछे का काम किया है। इसी दौरान उन्होंने मधुबनी पेंटिंग बनाना भी सीखा। यहीं से दुलारी देवी को मधुबनी पेंटिंग में रुची हो गई।
🔴 दुलारी देवी मछुआरा समुदाय से होने के बावजूद मिथिला की मशहूर कला मधुबनी पेटिंग सीखी और आज एक राष्ट्रीय स्तर पर पहचानी जाने वाली कलाकार बन गई हैं।
🔴 दुलारी देवी को 16 साल की उम्र में उनके पति ने छोड़ दिया था। उनके बच्चे का निधन भी जन्म के छह महीने बाद हो गया था।
🔴 कठोर चुनौतियों का सामना करने के बाद, वह अपनी पेंटिंग के माध्यम से बाल विवाह, एड्स, भ्रूण हत्या जैसे मुद्दों पर जागरूकता फैलाती रही हैं। दुलारी देवी ने अब तक 10,000 पेंटिंग बनाई हैं। दुलारी देवी की बनाई हुई पेंटिंग 50 से अधिक प्रदर्शनियों में प्रदर्शित की गई है।
🔴 मिथिला कला संस्थान और सेवा मिथिला संस्थान जैसी संस्थाओं के माध्यम से 1,000 से अधिक छात्रों को दुलारी देवी ने प्रशिक्षित किया है।













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