Adani-Hindenburg Row: अडानी समूह पर फैसले की समीक्षा से इनकार, SC ने खारिज की याचिका
Adani-Hindenburg Row: सुप्रीम कोर्ट ने 3 जनवरी के अपने उस फैसले की समीक्षा करने की याचिका खारिज कर दी है, जिसमें अडानी समूह के कथित शेयर मूल्य हेरफेर की जांच को विशेष जांच दल (एसआईटी) या सीबीआई को सौंपने से इनकार कर दिया था।
मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने अनामिका जायसवाल द्वारा दायर समीक्षा याचिका को खारिज कर दिया।

सुप्रीम कोर्ट का फैसला
न्यायालय ने कहा, "पुनर्विचार याचिका का अवलोकन करने के पश्चात, अभिलेखों में कोई त्रुटि स्पष्ट नहीं है। सर्वोच्च न्यायालय नियम 2013 के आदेश XLVII नियम 1 के अंतर्गत समीक्षा का कोई मामला नहीं है। इसलिए, समीक्षा याचिका खारिज की जाती है।" यह आदेश 5 मई को न्यायाधीशों द्वारा चैंबर में याचिका पर विचार करने के पश्चात जारी किया गया।"
3 जनवरी के अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि 'सेबी अडानी ग्रुप के खिलाफ आरोपों की "व्यापक जांच" कर रहा है । कोर्ट ने सीबीआई या एसआईटी से जांच कराने से इनकार कर दिया था।' सर्वोच्च न्यायालय ने इस बात पर प्रकाश डाला कि सेबी ने अडानी समूह के खिलाफ आरोपों से जुड़े 24 में से 22 मामलों में जांच पूरी कर ली है।'
मूल फैसला हिंडनबर्ग रिसर्च द्वारा अडानी समूह के खिलाफ लगाए गए आरोपों से संबंधित कई याचिकाओं के बीच आया था। इन आरोपों में धोखाधड़ी वाले लेनदेन और शेयर-मूल्य में हेरफेर शामिल थे। इन दावों के बाद, स्टॉक एक्सचेंजों पर अडानी समूह के शेयरों में भारी गिरावट आई।
अडानी समूह ने लगातार इन आरोपों का खंडन किया है और सभी कानूनों और प्रकटीकरण आवश्यकताओं का अनुपालन करने का दावा किया है। उन्होंने हिंडनबर्ग रिसर्च के आरोपों को झूठ करार दिया है जिसका उद्देश्य उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना है।यह निर्णय अडानी समूह के लिए एक महत्वपूर्ण जीत है क्योंकि इसने शेयर मूल्य हेरफेर के आरोपों के खिलाफ अपना रुख कायम रखा है।
(यह खबर PTI से है)












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