दिल्ली में जल संकट के लिए यूपी, हरियाणा और उत्तराखंड भी जिम्मेदार

नई दिल्ली, 8 नवंबर: यमुना में अमोनिया का मात्रा बढ़ने के चलते दिल्ली के अधिकांश हिस्से में शनिवार से ही जल आपूर्ति बाधित है। घरों में पानी नहीं पहुंचने से लोग परेशान हैं। दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष राघव चड्ढा ने रविवार देर शाम को बताया कि दिल्ली जल बोर्ड के अभियंताओं की मेहनत से स्थिति में सुधार हुई है। जल शोधन संयंत्र अपनी क्षमता के अनुसार काम कर रहे हैं और सोमवार सुबह से लोगों के घरों में पहले की तरह जल आपूर्ति शुरू होने की उम्मीद है। सच बात तो यह है कि फिलहाल उत्तराखंड और यूपी के साथ हरियाणा की वजह से भी दिल्ली में जल संकट हुआ है। यूपी के गंगनहर में सफाई जारी है तो उत्तराखंड सरकार ने हरिद्वार में जलापूर्ति बंद की है। इसके चलते भी ताजा संकट हुआ है।

दिल्ली

दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष राघव चड्ढा ने राजधानी में जल संकट के लिए हरियाणा सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा की ओर से यमुना में औद्योगिक प्रदूषण को नहीं रोका जा रहा है। औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला अपशिष्ट और सीवेज का गंदा पानी सीधे यमुना में डाला जा रहा है। इस वजह से वजीराबाद के नजदीक यमुना में अमोनिया की मात्रा बढ़कर तीन पीपीएम (पार्टस पर मिलियन) पहुंच गई है। तय मानक के अनुसार पानी में अमोनिया की मात्रा 0.8 पीपीएम से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।

इससे पहले राघव चड्ढा ट्वीट किया कि अमोनिया की मात्रा बढ़ने से सोनिया विहार, भागीरथी, चंद्रावल, ओखला और वजीराबाद जल शोधन संयंत्र से जल आपूर्ति बाधित हुई है। दिल्ली में गंगा नहर से गंगा पानी की आपूर्ति होती है। वार्षिक रखरखाव के कारण दशहरा व दीवाली के समय इस नहर को बंद कर दिया जाता है। इससे भागीरथी और सोनिया विहार संयंत्र को कच्चा पानी नहीं मिल रहा है। इन दोनों संयंत्रों में भी इस समय यमुना से कच्चा जल मिलता है। क्षमता से 50 फीसद से भी कम शुद्ध जल इनसे मिल रहा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली जल बोर्ड पानी आपूर्ति सुचारू करने के लिए काम कर रहा है। हरियाणा सरकार से भी संपर्क किया गया है।

उन्होंने लोगों को विवेकपूर्ण तरीके से पानी के इस्तेमाल की सलाह दी है। दिल्ली जल बोर्ड ने शनिवार को बयान जारी करते हुए कहा था कि अमोनिया की मात्रा बढ़ने से पूर्वी दिल्ली, उत्तर पूर्वी दिल्ली, दक्षिणी दिल्ली और नई दिल्ली नगर पालिका परिषद के कुछ क्षेत्र में जल आपूर्ति बाधित रहेगी। शनिवार शाम से इन इलाकों में पानी की आपूर्ति नहीं हुई है। सीपीसीबी ने गत माह दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश को यमुना में प्रदूषण को कम करने के लिए सीवेज शोधन क्षमता को ठीक करने की सलाह दी थी। दिल्ली में 22 गंदे नाले यमुना में गिरते हैं। इनमें से 14 नालों से ज्यादा प्रदूषण होता है।

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