पीएम मोदी के 5वें केदारनाथ दौरे को भव्य बनाने में जुटी उत्तराखंड सरकार
पीएम मोदी जल्द केदारनाथ धाम के 5वें दौरे पर जाएंगे। उत्तराखंड सरकार पीएम मोदी के इस दौरे को भव्य बनाने की तैयारियों में जुटी है।
देहरादून, 2 नवंबर। श्रीनगर स्थित प्रसिद्ध शंकराचार्य मंदिर से लेकर केरल स्थित आदि शंकराचार्य की जन्मस्थली एर्नाकुलम और गुजरात के सोमनाथ मंदिर तक - कई सारे केंद्रीय मंत्री, बीजेपी सांसद और वरिष्ठ बीजेपी नेता 5 नवंबर को देश भर में 100 मंदिरों और पवित्र स्थानों पर शीश नवाएंगे, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तराखंड स्थित केदारनाथ के दर्शन को जाएंगे. बीजेपी इस मौके पर देश भर में कार्यक्रमों के आयोजन की योजना बना रही है.

इसके लिए पुरी (ओड़िशा) स्थित आदि शंकराचार्य, श्रृंगेरी (कर्नाटक), द्वारका (गुजरात), ज्योतिर्मठ (उत्तराखंड) सहित चार धाम से जुड़े साधु-संतों और श्रद्धालुओं को निमंत्रित किया जा रहा है. साथ ही गुजरात में सोमनाथ मंदिर और वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर (Kashi Vishwanath Temple) सहित देश भर में स्थित 12 ज्योतिर्लिंगों और 87 अन्य महत्वपूर्ण मंदिरों, जिसमें श्रीनगर स्थित शंकराचार्य मंदिर भी शामिल हैं, जिसकी स्थापना आदि शंकराचार्य के भारत भ्रमण के दौरान तय किए गए रास्ते में की गई थी, से जुड़े संतों और साधुओं को भी निमंत्रित किया गया है.
पार्टी सूत्रों ने न्यूज18 को बताया कि केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ बीजेपी सांसदों के साथ पार्टी के नेता उपर्युक्त पवित्र स्थानों का दौरा करेंगे और 5 नवंबर को पीएम मोदी की केदारनाथ में दो घंटे की उपस्थिति के दौरान सभी महत्वपूर्ण पवित्र स्थानों पर मौजूद रहेंगे. हालांकि ज्यादातर नेता अपने गृह राज्यों में मौजूद पवित्र स्थानों का दौरा करेंगे. केदारनाथ से पीएम मोदी के कार्यक्रमों की सभी पवित्र स्थानों पर लाइव स्क्रीनिंग के लिए एलईडी और बड़ी स्क्रीनों का आयोजन किया जा रहा है. प्रधानमंत्री केदारनाथ में कई सारे प्रोजेक्ट्स का अनावरण करेंगे. इसमें 2013 की बाढ़ आपदा में क्षतिग्रस्त आदि शंकराचार्य के पुर्ननिर्मित समाधि स्थल के साथ उनकी प्रतिमा भी है. इस मौके पर पीएम मोदी संबोधन भी देंगे.
पीएम मोदी के कार्यक्रम के लिए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी अपनी ओर से कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं. मुख्यमंत्री धामी ने कई वीआईपी के साथ अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के लिए निमंत्रित किया है. सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के लिए उत्तराखंड सरकार द्वारा देश भर में स्थित विभिन्न अखाड़ों के महामंडलेश्वरों को भी केदारनाथ आमंत्रित किया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का केदारनाथ दौरा और इस मौके पर देश भर में बीजेपी द्वारा कार्यक्रमों का आयोजन उस समय हो रहा है, जब आगामी महीनों में उत्तराखंड में चुनाव होने वाले हैं. वहीं पवित्र चार धाम के प्रबंधन के लिए उत्तराखंड सरकार द्वारा बनाए जा रहे देवस्थानम् एक्ट को लेकर राज्य में बीजेपी को स्थानीय पुजारियों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है.
इससे पहले प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केदारनाथ मंदिर में पूजा अर्चना करेंगे और उसके बाद श्री आदि शंकराचार्य की समाधि और उनकी प्रतिमा का अनावरण करेंगे. बयान के मुताबिक '2013 की बाढ़ आपदा में समाधि के क्षतिग्रस्त होने के बाद उसका पुर्ननिर्माण किया गया है. पूरा पुर्ननिर्माण कार्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देखरेख में हुआ है. पीएम मोदी लगातार प्रोजेक्ट के विकास पर अपनी नजर रख रहे थे.' बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री सरस्वती आस्थापथ से जुड़े कार्यों की समीक्षा करेंगे और प्रोजेक्ट की प्रगति का जायजा भी लेंगे. साथ ही एक सार्वजनिक सभा को भी संबोधित करेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ये पांचवां केदारनाथ दौरा होगा.
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इससे पहले पीएमओ ने अपने एक बयान में कहा था, 'पीएम मोदी अपने केदारनाथ दौरे पर कई सारे महत्वपूर्ण प्रोजेक्टस का अनावरण करेंगे, जिन प्रोजेक्ट्स को पूरा कर लिया गया है. उनमें सरस्वती आस्थापथ (Saraswati Retaining Wall Aasthapath) और घाट, मंदाकिनी आस्थापथ (Mandakini Retaining Wall Aasthapath), तीर्थ पुरोहित गृह और मंदाकिनी नदी पर गरूड़ चट्टी पुल शामिल है. इन प्रोजेक्ट्स को पूरा करने में 130 करोड़ रुपये का खर्च आया है. इसके साथ ही प्रधानमंत्री 180 करोड़ रुपये की लागत वाले कई प्रोजेक्ट्स की आधारशिला भी रखेंगे. इनमें संगम घाटों का पुर्नविकास, प्राथमिक उपचार और पर्यटक सुविधा केंद्र, एडमिन ऑफिस और अस्पताल, 2 अतिथि गृह, पुलिस स्टेशन, कमांड और कंट्रोल सेंटर, मंदाकिनी आस्थापथ पंक्ति प्रबंधन, रेनशेल्टर और सरस्वती सिविक सुविधा केंद्र की इमारत शामिल है.'












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