कोरोना लॉकडाउन में रोजगार बंद हुआ और छूट गई बेटियों की पढ़ाई, अब प्रियंका गांधी ने दिया मदद का भरोसा
कोरोना लॉकडाउन में रोजगार बंद हुआ और छूट गई बेटियों की पढ़ाई, अब प्रियंका गांधी ने दिया मदद का भरोसा
गाजियाबाद, 05 फरवरी: विजयनगर के कृष्णा नगर-बागू में जनसंपर्क के दौरान एक घंटे जनता के बीच रहीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी लोगों के दिलों पर छाप छोड़ गईं। कॉलोनी में ब्यूटी पार्लर चलाने वाली प्रीति और किराना की दुकान चलाने वाले उनके पति सुनील की दुकान पर प्रियंका गांधी करीब 15 मिनट रुकीं। उनकी आर्थिक हालात पर बात शुरू की तो प्रीति और सुनील की जुबान पर लॉकडाउन से मिला दर्द छलक पड़ा। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन में रोजगार बंद हुआ तो बच्चियों की पढ़ाई छूट गई और 13 लाख का कर्जा हो गया।

प्रियंका गांधी ने प्रीति को न सिर्फ मदद का भरोसा दिया, बल्कि बात करने के लिए उन्हें अपना पर्सनल नंबर भी दिया। प्रियंका गांधी ने प्रीति के साथ उसकी दो बेटियों एजिंल और महक से भी मुलाकात की। सुनील ने बताया कि वह 15 साल से दुकान चलाते हैं, लेकिन लॉकडाउन में धंधा चौपट हो गया। करीब चार महीने जिन हालातों का सामना करना पड़ा, वह पहले कभी नहीं देखा था। फीस न दे पाने की वजह से बेटियों का स्कूल छूट गया। घर की जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए 13 लाख का कर्ज सिर पर हो गया।
प्रियंका गांधी ने उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया। जनसंपर्क के दौरान उन्होंने बागू में ही रंग-रोगन की दुकान करने वाले अनूप कुमार मित्तल से भी बातचीत की। अनूप ने प्रियंका गांधी को बताया कि लॉकडाउन के दौरान आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ा, लेकिन सरकार से कोई मदद नहीं मिली। जीएसटी की वजह से छोटे दुकानदारों की दिक्कतें इतनी बढ़ गई कि रिकॉर्ड मेंटेन करना मुश्किल हो रहा है। कम पढ़े-लिखे दुकानदारों के लिए जीएसटी की पेचीदगियों को समझना मुश्किल हो रहा है।
उन्होंने कई अन्य महिलाओं से भी बात की। प्रियंका गांधी के यूं क्षेत्र की जनता और दुकानदारों से बात करने से लोगों के दिलों में उन्होंने खास जगह बनाई। खासतौर से महिलाएं उनकी सराहना करती हुईं नजर आईं।












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