पंजाब की राजधानी में ट्राइसिटी का जनमार्ग अब सौर-ऊर्जा से जगमगाएगा, जानिए क्या है परियोजना
चंडीगढ़। पंजाब की राजधानी यानी कि , चंडीगढ़ शहर को एक नई पहचान मिलने जा रही है। अब यहां की सड़कों को सोलर स्ट्रीट के रूप में जाना जाएगा। सड़कें रिन्यूअल एनर्जी से रोशन होंगी। इसकी शुरुआत सबसे पहले जनमार्ग से होगी। जनमार्ग पर सभी स्ट्रीट लाइट को सोलर एनर्जी से जगमग किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो गया है। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर यह काम होगा।

इसके बाद बाकी मार्गों को भी इसी तरह से सोलर स्ट्रीट में बदला जाएगा। जनमार्ग वर्ल्ड हेरिटेज साइट कैपिटल कांप्लेक्स शहर के बीच से होते हुए मोहाली को कनेक्ट करता है। इस मार्ग की सभी स्ट्रीट लाइट को सोलर एनर्जी से बदलने के प्रस्ताव पर काम शुरू हुआ है। कई जगह रोड पर बीच-बीच में छोटे सोलर प्रोजेक्ट भी लगेंगे। इसके अलावा भी कई इनोविटव आइडिया पर काम होगा।
बिजली बचेगी, बिल आना होगा बंद
सभी स्ट्रीट लाइट को हलोजिन से एलईडी में बदला गया है। इसके बाद भी स्ट्रीट लाइट पर बिजली की खपत काफी ज्यादा होती है। इस खर्च को बचाने के लिए सोलर स्ट्रीट लाइट प्रोजेक्ट पर काम होगा। जनमार्ग का माडल सफल रहा तो सभी मार्गों पर इसको लागू कर बिजली का यह खर्च बचेगा। इससे पहले हिमालय मार्ग पर कई जगह सोलर स्ट्रीट लाइट लगाई गई थी, लेकिन इनमें से अधिकतर चोरी हो गई थी। सोलर पैनल तक चोरी हो गए थे। हालांकि उस दौरान सोलर को लेकर प्रशासन भी इतना गंभीर नहीं था जितना अब है।
शहर की ऊर्जा शक्ति के वाहक बनेंगे यह प्रोजेक्ट
पटियाला की राव पर 2000 किलोवाट यानी दो मेगावाट का बड़ा सोलर पावर प्रोजेक्ट लगाया जाएगा। यह प्राेजेक्ट डड्डूमजारा डंपिंग ग्राउंड के पास पटियाला की राव कैनल टाप पर लगेगा। 11 करोड़ की लागत से यह प्रोजेक्ट कैनल की टाप पर लगाने का टेंडर चंडीगढ़ रिन्यूल एनर्जी साइंस एंड टेक्नोलाजी (क्रेस्ट) ने जारी किया है। पटियाला की राव चंडीगढ़ की बरसाती नदी है। बरसात के सीजन में ही इसमें पानी आता है।
अब कैनल टाप को सोलर एनर्जी जेनरेशन के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। एन चौ पर भी दो मेगावाट का सोलर पावर प्रोजेक्ट लगाया जा रहा है। कोनिफर गार्डन के पास यह प्लांट कैनल टाप पर लगेगा। सेक्टर-39 के वाटर वर्क्स के रा वाटर टैंक पर दो मेगावाट का फ्लोटिंग सोलर पावर प्रोजेक्ट लगाया जा रहा है।












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