तेलंगाना सरकार ने केंद्र पर फंड जारी करने को लेकर लगाया सौतेला व्यवाहार करने का आरोप
तेलंगाना सरकार ने फंड जारी करने को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है। प्रदेश सरकार की तरफ से कहा गया है कि केंद्र सरकार गैर-भाजपा शासित राज्यों से सौतेला व्यवहार करती है।

तेलंगाना सरकार को इस वित्तीय वर्ष में अपेक्षा के अनुरूप कर और गैर-कर राजस्व प्राप्त हो रहा है। खासकर पिछले 5 महीनों से हर महीने रेवेन्यू 10,000 करोड़ रुपए को पार कर रहा है। वहीं, जीएसटी-स्टाम्प एवं निबंधन, आबकारी एवं बिक्री कर कोषागार में भी उम्मीद के अनुरूप वसूली हो रही है।
हालांकि, कथित तौर पर केंद्र सरकार विभिन्न तरीकों से तेलंगाना को परेशान करने की कोशिश कर रही है। इसकी वजह से राज्य सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ रहा है। आपको बता दें कि केंद्र सरकार की तरफ से अक्टूबर माह में सिर्फ 85 करोड़ रुपए का ही अनुदान स्वीकृत किया गया था।
केंद्र सरकार की तरफ से अनुदान नहीं जाने के बावजूद भी राज्य सरकार की कर आय के कारण विकास गतिविधियां बिना किसी बाधा के चल रही हैं। जानकारी के मुताबिक राज्य सरकार ने अनुमान लगाया था कि चालू वित्त वर्ष में कर राजस्व करीब 1.26 लाख करोड़ रुपए रहेगा। हालांकि सरकार को पहले 7 महीने में ही 70,126 करोड़ रुपए की आमदनी हुई है। यह कलेक्शन अनुमानित लक्ष्य का 55.39% है।
पिछले साल 2021-22 की तुलना में 7 महीने की आय 50.7% थी, इस बार कर राजस्व में 4.69% की वृद्धि हुई है। सरकार की तरफ से शेयर किए गए आंकड़ों के मुताबिक 7 माह के दौरान कुल 84,515.53 करोड़ रुपए का कर राजस्व, गैर-कर राजस्व, सहायता अनुदान दर्ज किया गया है। यह सरकार के अनुमान का 43.78% है।
वहीं, पिछले वित्त वर्ष 2021-22 के पहले 7 महीनों में इसकी रिकवरी 32-35 फीसदी रही थी। जबकि इस साल 8.46 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कुल मिलाकर, इस वित्तीय वर्ष के पहले दो महीनों अप्रैल और मई में कर राजस्व 9,000 करोड़ रुपए से अधिक था।
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