परियोजनाओं में उल्लंघन करने वाले अधिकारियों पर तेलंगाना सरकार का एक्शन
सूत्रों ने कहा कि सरकार ने 10 जनवरी को राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (एनबीडब्ल्यूएल) की स्थायी समिति को कार्रवाई रिपोर्ट (नोटिस जारी करने) भी सौंपी। अधिकारियों से जवाब मिलते ही सरकार उन्हें एनबीडब्ल्यूएल को भेज देगी।

राज्य सरकार तीन जिलों में कुछ परियोजनाओं को लागू करते हुए तेलंगाना में वन संरक्षण अधिनियम और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के उल्लंघन के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और उपयोगकर्ता एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। सरकार फिलहाल अपने उन नोटिसों के जवाब का इंतजार कर रही है, जो उसने अधिकारियों को भेजे थे।
सूत्रों ने कहा कि सरकार ने 10 जनवरी को राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (एनबीडब्ल्यूएल) की स्थायी समिति को कार्रवाई रिपोर्ट (नोटिस जारी करने) भी सौंपी। अधिकारियों से जवाब मिलते ही सरकार उन्हें एनबीडब्ल्यूएल को भेज देगी। सूत्रों के मुताबिक, स्थायी समिति ने पिछले साल दिसंबर में प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ) और राज्य के वन्यजीव वार्डन को 10 जनवरी, 2023 तक रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया था।
समिति ने कहा कि वन महानिरीक्षक और हैदराबाद में एकीकृत क्षेत्रीय कार्यालय ने उल्लंघन का संकेत दिया था, जिसके बाद समिति ने मुख्य वन्यजीव वार्डन को वन अधिकारियों और उल्लंघन करने वाली उपयोगकर्ता एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। भद्राद्री कोठागुडेम जिले में अल्लापल्ली से मल्लाराम तक मौजूदा सड़क के चौड़ीकरण और अपग्रेडेशन के दौरान 1.25 हेक्टेयर वन भूमि में उल्लंघन देखा गया था।
इसके अलावा किन्नरसानी वन्यजीव अभयारण्य में 3.43 हेक्टेयर वन भूमि में इसी तरह का उल्लंघन देखा गया था, जहां भद्राद्री कोठागुडेम में मोंडिकुंटा से ममिलवई तक मौजूदा सड़क का चौड़ीकरण और अपग्रेडेशन प्रस्तावित था। समिति को बताया गया कि कच्ची सड़क को वर्ष 2006-07 में मेटल रोड में अपग्रेड किया गया है, जो दोनों अधिनियमों का उल्लंघन है।












Click it and Unblock the Notifications