तेलंगाना सरकार ने पहली सरकारी IVF सुविधा की शुरू, निःसंतान दंपतियों के सपने होगें साकार
तेलंगाना में राज्य की पहली सरकारी आईवीएफ सुविधा शुरू हो चुकी है। गांधी अस्पताल में इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF) क्लिनिक जरिए निःसंतान दंपतियों को माता-पिता बनना सपना साकार होगा। तेलंगाना सरकार का नया कदम आर्थिक रूप से कमजोर नि:संतान दंपतियों के लाखों रुपयों का खर्च बचेगा।
गांधी अस्पताल में पिछले हफ्ते तेलंगाना सरकार ने रविवार (09 अक्टूबर) को पहली सरकारी उच्च-स्तरीय आईवीएफ केयर सुविधा शुरू की। नई सुविधा तेलंगाना में अपनी तरह की अनूठी सुविधा है। जिसके तहत वो सभी सुविधाएं अस्पताल में मिलेंगी जो इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ) क्लिनिक के लिए आवश्यक हैं।

गांधी अस्पताल के अधीक्षक डॉ एम राजा राव ने कहा है कि आईवीएफ क्लिनिक गरीब दंपतियों के लिए एक बेहतर विकल्प होगा। उन्होंने बताया, "हमारी आईवीएफ सुविधा में अनुभवी स्वास्थ्य देखभाल पेशेवर हैं जो इस तरह की सहायक प्रजनन तकनीक में उच्च प्रशिक्षित हैं। कुछ महीनों में हमारे अनुभवी कर्मचारी अन्य सरकारी स्वास्थ्य देखभाल कर्मियों को भी प्रशिक्षण प्रदान करेंगे, जिससे जिला अस्पतालों में भी आईवीएफ सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।"
गांधी अस्पताल में आईवीएफ क्लिनिक रोगी परामर्श केंद्र लगभग 5 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। आईवीएफ क्लिनिक में ब्लड बैंक, वीर्य संग्रह (semen collection), कृत्रिम गर्भाधान (Artificial Insemination), डिम्बग्रंथि चिकित्सा (Ovarian Therapy), अल्ट्रासाउंड समेत अंडाणु संग्रह, भ्रूण संवर्धन (Embryo Culture) भ्रूण स्थानांतरण समेत कई सुविधाएं उपलब्ध हैं।
आईवीएफ क्लिनिक की शुरुआत पर स्वास्थ्य मंत्री टी हरीश राव ने कहा, तेलंगाना स्वास्थय और तकनीकी के क्षेत्र में अन्य राज्यों के लिए उदाहण बन रहा है। उन्होंने सरकारी आईवीएफ क्लिनिक की शुरुआत को ऐतिहासिक बताते हुए कहा, "तेलंगाना सरकार ने गांधी अस्पताल में पहला सरकारी आईवीएफ केंद्र स्थापित किया है। मुख्यमंत्री के.चंद्रशेखर राव की दूरदर्शिता के कारण आईवीएफ सुविधा एक वास्तविकता बन गई है। ये कदम अन्य राज्यों के लिए एक नया उदाहरण है।"












Click it and Unblock the Notifications