तेलुगु भाषा को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है तेलंगाना सरकार
जुलुरी गौरी शंकर ने आगे कहा, 'पूरे प्रदेश में मातृभाषा के संरक्षण के रूप में हमारी साहित्यिक और सांस्कृतिक आभा गांव से शहरी स्तर तक फैल रही है और छात्र "मन ओरू-मन चरित्र" के माध्यम से मजबूत हो रहे हैं।'

अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर तेलंगाना साहित्य अकादमी परिसर में मंगलवार को कवियों और लेखकों की एक बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर तेलंगाना साहित्य अकादमी के अध्यक्ष जुलुरी गौरी शंकर ने कहा, 'तेलंगाना सरकार तेलुगु भाषा के पूर्ण कार्यान्वयन के लिए प्रतिबद्ध है और हम मुख्यमंत्री केसीआर के दूरदर्शी विचारों के अनुसार तेलुगु भाषा के विकास के लिए काम कर रहे हैं।'
जुलुरी गौरी शंकर ने आगे कहा, 'पूरे प्रदेश में मातृभाषा के संरक्षण के रूप में हमारी साहित्यिक और सांस्कृतिक आभा गांव से शहरी स्तर तक फैल रही है और छात्र "मन ओरू-मन चरित्र" के माध्यम से मजबूत हो रहे हैं।'
वहीं, तेलंगाना राज्य पुस्तकालय संघ के अध्यक्ष अयाचितम श्रीधर ने कहा कि मातृभाषा को जीवित रखने का कार्य हमें अपने घरों से शुरू करना चाहिए। समाज में सभी को तेलुगु भाषा के संरक्षण के लिए काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार तेलुगु भाषा को पूरा समर्थन देगी।
तेलंगाना साहित्य संघ के सचिव के. आनंदाचारी ने कहा कि मातृभाषा के पतन के कारणों की पड़ताल किए बिना चाहे जितने प्रयास किए जाएं, भाषा स्वयं जीवित तभी रहेगी जब हम मनुष्य बनकर रहेंगे।












Click it and Unblock the Notifications