केटीआर का हमला- 'वन नेशन वन इलेक्शन' को बताया पीएम मोदी का ध्यान भटकाने वाला हथकंडा
संसद के पांच दिवसीय सत्र के ऐलान के एक दिन बाद ही केंद्र सरकार ने 'वन नेशन इलेक्शन' के पूर्व राष्ट्रपति की अध्यक्षता में कमेटी गठित कर दी थी। जिसके बाद माना जा रहा था कि 'वन नेशन वन इलेक्शन' का मुद्दा मोदी सरकार स्पेशल सत्र में रख सकती है, हालांकि ऐसा कुछ नहीं हुआ। अब तेलंगाना की सत्तारूढ़ भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) ने वन नेशन वन इलेक्शन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ध्यान भटकाने का हथकंडा बताया है।

ध्यान भटकाने की राजनीति में माहिर हैं पीएम मोदी
बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के टी रामाराव ने ये वन नेशन वन इलेक्शन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चुनाव से ध्यान भटकाने का हथकंडा है। अगर वो इस मुद्दे के प्रति इतने ईमानदार होते तो विशेष संसद सत्र में इसके इसके लिए एक विधेयक ला सकते थे लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। इसके साथ ही के टी रामाराव ने मोदी को ध्यान भटकाने की राजनीति में माहिर बताया।
मोदी सरकार वादें निभाने में विफल रही
केटीआर ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वतंत्र भारत के सबसे अक्षम, अयोग्य प्रधानमंत्री, संभवत: सबसे भ्रष्ट प्रधानमंत्री रहे हैं। इसलिए लोगों का ध्यान भटकाने के लिए हर तरह का हथकंडा अपनाएंगे। उन्होंने कहा भारत ने स्वतंत्र भारत में रुपये का सबसे कम मूल्य, उच्चतम मुद्रास्फीति और बेरोजगारी की उच्चतम दर देखी है। मोदी जनता से किए वादों को पूरा करने में पूरी तरह विफल रहे हैं।
पीएम मोदी तेलंगाना के लोगों से माफी मांगें
केटीआर ने कहा मोदी सरकार ने आंध्र प्रदेश अधिनियम 2014 में किए गए वादों का सम्मान नहीं किया। मोदी सरकार ने जो हाल में टिप्पणियां की उसने तेलंगाना के लोगों की भावनाओं को बहुत ठेस पहुंचाया है। पीएम मोदी ने हमेशा तेलंगाना की जनता की भावनाओं का लगातार अपमान किया इसके लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए।
खाली हाथ वापस लौटने को तैयार रहना चाहिए
केटीआर ने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा के मन में तेलंगाना के प्रति केवल नफरत है। 1अक्टूबर की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तेलंगाना यात्रा पर केटीआर ने कहा कि वह तेलंगाना में वोट मांगने आ रहे हैं। पीएम जब भी तेलंगाना आए, खाली हाथ आए और अब उन्हें चुनाव में खाली हाथ वापस लौटने को तैयार रहना चाहिए।












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