तेलंगाना: महिला आरक्षण पर बड़ा अपडेट आते ही चुनावी मोड में लौटीं सभी पार्टियां, चुनाव प्रचार तेज
तेलंगाना विधानसभा चुनाव को लेकर राज्य में तैयारी जोरों से चल रही है। इस बीच राजनीतिक दलों ने मंगलवार को राहत की सांस ली। क्योंकि यह सामने आया कि महिला आरक्षण निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन के बाद ही लागू होगा।
इसके अलावा, 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' का मुद्दा भी गायब हो गया है, क्योंकि विधेयक संसद के मौजूदा सत्र में नहीं आएगा। राम नाथ कोविंद समिति ने अभी तक अपना काम पूरा नहीं किया है।

अब पार्टियां चुनावी तैयारियों में जुट गई हैं। अब वे विधानसभा चुनावों के लिए प्रचार अभियान, उम्मीदवारों के चयन, रणनीति तैयार करने और लोगों की आकांक्षाओं को प्रतिबिंबित करने वाले घोषणापत्र तैयार करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
बीआरएस ने पहले ही 119 विधानसभा क्षेत्रों में से 115 के लिए उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। अब शेष चार क्षेत्रों के लिए उम्मीदवारों के नामों को अंतिम रूप देगा। बीआरएस प्रमुख अपने नेताओं से फीडबैक ले रहे हैं कि कांग्रेस की गारंटी का मतदाताओं पर किस तरह का प्रभाव पड़ेगा। साथ ही मतदाताओं पर इसके प्रभाव को कैसे बेअसर किया जाए।
वहीं, सबसे पुरानी पार्टी अपनी चुनाव प्रक्रिया में तेजी लाएगी। हाल ही में विजयभेरी सार्वजनिक बैठक में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने कांग्रेस के छह गारंटियों के लिए बड़े पैमाने पर प्रचार की योजना बनाएगी।
कांग्रेस को चुनाव टिकटों के लिए 1000 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। प्रदेश चुनाव समिति ने पिछले सप्ताह उम्मीदवारों के नाम शॉर्टलिस्ट किए। चुनाव स्क्रीनिंग समिति की बुधवार को दिल्ली में बैठक होने वाली है। टीपीसीसी प्रमुख ए रेवंत रेड्डी और उत्तम कुमार रेड्डी सहित समिति के सदस्य वर्तमान में संसद के विशेष सत्र में भाग लेने के लिए दिल्ली में हैं। जबकि सीएलपी नेता मल्लू भट्टी विक्रमाक्र स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में भाग लेने के लिए पहले ही दिल्ली का दौरा कर चुके हैं।
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