राजस्थान में बाघों की संख्या पहुंची 100 के पार, सीएम गहलोत ने जताई खुशी
Rajasthan: राजस्थान में बाघ संरक्षण के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य हो रहा है। प्रदेश में टाइगर रिजर्व की संख्या बढकर 5 हो गई है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को मुख्यमंत्री निवास पर राज्य वन्यजीव मंडल की 14वीं बैठक ली। इस दौरान उन्होंने वन और वन्यजीव संरक्षण को लेकर हुए उल्लेखनीय कार्यों के लिए अफसरों को धन्यवाद दिया। सीएम गहलोत ने कहा कि देश के अन्य टाइगर रिजर्व के बजाय राजस्थान में बाघों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। नए शावक भी जन्म ले रहे हैं। यह प्रदेश के लिए खुशी की बात है।

शेरों को लाने के लिए पीएम को लिखेंगे पत्र
सीएम गहलोत ने कहा कि राजस्थान में शेरों की संख्या और बढाई जाएगी। इसके लिए वे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखेंगे। प्रदेश सरकार की नीतियों की सराहना करते हुए सीएम गहलोत ने कहा कि हमारी नीतियों से प्रदेश में बाघों की संख्या 100 से अधिक हो चुकी है। हमारे प्रयासों से राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण की ओर से 2022 में जारी की गई समीक्षा रिपोर्ट में रणथंभौर और सरिस्का टाइगर रिजर्व की रेटिंग बेहतर हुई है। राज्य के कुल 29 कंजर्वेशन रिजर्व में से 16 वर्तमान सरकार के कार्यकाल में बनाए गए हैं।
जीव-जन्तु कल्याण बोर्ड का नाम अमृता देवी के नाम पर होगा
इस अवसर पर गहलोत ने राज्य जीव-जन्तु कल्याण बोर्ड का नाम अमृता देवी के नाम से करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि अमृता देवी का बलिदान सभी को पर्यावरण संरक्षण की प्रेरणा देता है।
बाघ संरक्षित क्षेत्रों का विस्तार
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में वन्यजीवों के लिए कॉरिडोर्स के निर्माण, 18 नए संरक्षित क्षेत्रों का गठन, विशेष बाघ संरक्षण बल की स्थापना जैसे निर्णय लिए गए हैं। 2018 की तुलना में संरक्षित क्षेत्रों का क्षेत्रफल बढ़कर 13595 वर्ग किमी हो गया है। मुकुंदरा, सरिस्का व रणथंभौर बाघ आरक्षिति के कोर एवं बफर क्षेत्र के विस्तार के लिए राष्ट्रीय व्याघ्र संरक्षण प्राधिकरण से स्वीकृतियां प्राप्त की गई हैं। साथ ही, कुंभलगढ़ टाइगर रिजर्व के लिए सैद्धांतिक स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है।












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