पंजाब में खिलाड़ियों को बड़ी राहत, अब स्कूल रिकॉर्ड ही उम्र का प्रूफ होगा, बर्थ सर्टिफिकेट की अनिवार्यता खत्म
चंडीगढ़। पंजाब की मान सरकार ने खिलाड़ियों को बड़ा तोहफा दिया है। सरकार द्वारा खिलाड़ियों के लिए जन्म प्रणाम पत्र की शर्त को खत्म कर दिया गया है। अब खिलाड़ी की उम्र स्कूल के रिकार्ड के आधार पर ही तय की जाएगी। बता दें कि खेलों दौरान उम्र को लेकर होने वाली रुकावट को लेकर सरकार द्वारा यह फैसला लिया गया है।

अधिक उम्र के बच्चे कम उम्र के बच्चों वाले खेल मुकाबलों में हिस्सा ले रहे है, जिसके साथ कई बार विवाद खड़ा हो जाता है। कई बार ऐसे मामले सामने आए है, जिसमें खिलाड़ियों ने एक-दो असफलताओं के बाद दोबारा कम उम्र वाले मुकाबलों में खेलने के लिए फर्जी प्रमाण पत्र बनाकर अपनी उम्र कम दिखाई। इसका हल निकालने के लिए पंजाब सरकार द्वारा यह फैसला लिया गया है।
एथलेटिक्स समेत अन्य गेम्स के खिलाड़ी पकड़े
बीते वर्षों में एथलेटिक्स समेत फुटबॉल और वेट लिफ्टिंग के खिलाड़ियों द्वारा अपनी सही आयु बताने के बजाय धोखाधड़ी करने के मामले सामने आते रहे हैं। विभिन्न गेम्स के अलग अलग इवेंट में हिस्सा लेने वाले कई खिलाड़ियों द्वारा गलत आयु बताने और बाद में पकड़े जाने के मामले भी सामने आए। ऐसे अधिकांश आरोप स्टेट लेवल और नेशनल गेम्स के खिलाड़ियों पर लगे। इससे गेम्स के बीच में ही विवाद खड़े होने समेत मामले जांच के अधीन रहे हैं।
एक अधिकारी ने कहा कि, अंडर-16 और अंडर-19 एज ग्रुप में इस प्रकार के विवाद अधिकांश देखे गए हैं, लेकिन अब पंजाब सरकार ने खेल प्रतिस्पर्धाओं में आयु से संबंधित सभी विवादों के निपटारे के लिए स्कूल रिकॉर्ड के आधार पर ही खिलाड़ियों की आयु मान्य होने की घोषणा की है।












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