ओडिशा: दरार के बावजूद शिक्षकों की हड़ताल जारी, प्रदर्शन स्थल पर की गणेश पूजा और लगाए सरकार के खिलाफ नारे
ओडिशा में बड़ी संख्या में स्कूल शिक्षक कई मांगों को लेकर ओडिशा सरकार के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। निखिल उत्कल शिक्षक महासंघ ने आंदोलन को स्थगित करने की घोषणा की थी लेकिन 8 अन्य संघों ने तीन सूत्री मांगों को लेकर आंदोलकारी शिक्षकों ने अपना आंदोलन जारी रखा है।

ओडिशा में जब गणेश चतुर्थी का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है और शिक्षण संस्थानों में गणपति पूजा की धूम नजर आनी चाहिए थी लेकिन शिक्षकों के हड़ताल के चलते स्कूलोंं मेंं सन्नाटा पसरा रहा।
हाालांकि आंदोलनकारी शिक्षक स्कूल में तो नहीं आए लेकिन गणेश चतुर्थी के मौके पर भंजनगर खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के सामने गणेश चतुर्थी पर गणपति पूजा की। वहीं बरगढ़ में शिक्षकों ने प्रदर्शन स्थल पर गणेश पूजा की और ओडिशा की नवीन पटनायक सरकार के खिलाफ नारे लगाए। वहीं अन्य स्कूलों में भी प्रतीकात्मक रूप से गणेश पूजा की गई।
बता दें अंतर-मंत्रालयी समिति ने कल आंदोलनकारी शिक्षक संघों के साथ चर्चा की थी। इसके बाद निखिल उत्कल शिक्षक महासंघ ने आंदोलन को स्थगित करने की घोषणा की जिसके बाद हड़ताल में दरार पड़ती नजर आई थी लेकिन ओडिशा के 8 अन्य शिक्षक संघों ने तीन सूत्री मांगों को पूरा करने के लिए अपना आंदोलन जारी रखने का फैसला किया था।
सवाल ये उठ रहा है कि शिक्षकों की इस हड़ताल में दरार कैसे पड़ गई? क्या ओडिशा सरकार ने विधाानसभा सत्र से पहले फूट डालाे और राज करो की नीति अपनाई है। हालांकि शिक्षकों के अन्य संघों ने कहा कि राज्य सरकार आंदोलन को पटरी से उतारने की अपनी कोशिश में सफल नहीं होगी।
शिक्षक देबी शंकर दास ने कहा हड़ताल 11 दिनों तक जारी रही हमें इस बात का पता नहीं है कि किन परिस्थितियों में या किस दबाव में एसोसिएशन के अधिकारी ने हड़ताल को रोकने की घोषणा की लेकिन हम अपना आंदोलन जारी रखेंगे।
ऑल ओडिशा प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सुशांत बेहरा ने हमसे सलाह के बिना उन्होंने हड़ताल वापस ले ली जिससे शिक्षकों की भाावनाएं आहत हुई हैं हम उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे।












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