ओडिशा में हाथियों के साथ इंसानों के संघर्ष को टालने की पहल, बड़े पैमाने पर होगा वृक्षारोपण
ओडिशा में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण की योजना है। राज्य सरकार को वन्य जीवों के लिए काम करने वाले संगठन VFAES का समर्थन मिलेगा। इसका मकसद हाथियों के लिए बफर जोन बनाकर भोजन की तलाश में बस्तियों में उनका प्रवेश रोकना है।

ओडिशा में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण की योजना है। हाथियों के लिए कॉरिडोर और बफर जोन के मकसद से की गई इस पहल का उद्देश्य हडगढ़-कुलडीहा और तेलकोई-पल्हारा कॉरिडोर में पौधारोपण कर हाथियों को बस्तियों में प्रवेश से रोकना है। मयूरभंज हाथी अभ्यारण्य का एक हिस्सा हैडगढ़-कुलडिया कॉरिडोर को हाल ही में आवास की रक्षा के लिए राज्य का पहला संरक्षण वन घोषित किया गया है। संरक्षण पर काम कर रहे कार्यकर्ताओं ने कहा, क्योंझर डिवीजन में तेलकोई-पल्हारा कॉरिडोर में हाथियों के साथ संघर्ष बढ़ रहा है। बड़े पैमाने पर खनन और अन्य विकास गतिविधियां हो रही हैं।
VFAES की संस्थापक कार्यकारी निदेशक संगीता अय्यर ने 'स्थायी समुदाय बनाकर एशियाई हाथी को बचाने' पर एक सम्मेलन में कहा कि वे संघर्ष को कम करने और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व को बढ़ावा देने के लिए परियोजनाओं को शुरू करने के लिए पहले ही वन विभाग के साथ सहयोग कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि ढेंकनाल में कम से कम 16 स्थानों पर होर्डिंग लगाए गए हैं, जबकि हाथियों की आवाजाही वाले क्षेत्रों में छोड़े गए कुओं के आसपास टी-आकार के अवरोधक बनाए गए हैं।
Recommended Video

उन्होंने बताया, ओडिशा हाथियों की आबादी के मामले में देश का पांचवां सबसे बड़ा राज्य है। संगीता अय्यर ने हाथियों की तत्काल सुरक्षा का आह्वान भी किया। उन्होंने बताया कि खनन के बाद भूमि का कायाकल्प करना खनन कंपनियों की जिम्मेदारी है।












Click it and Unblock the Notifications