ओडिशा में स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल पर रोक लगाने के लिए लागू किया गया ईएसएमए, भाजपा ने की आलोचना
ओडिशा की नवीन पटनायक सरकार ने राज्य में मेडिकल प्रोफेशन से जुड़े कर्मियों के आंदोलनों पर रोक लगाने के लिए लगाने के लिए आवश्यक सेवा (रखरखाव) अधिनियम (ईएसएमए) एक दिन पहले लागू कर दिया है। इस ईएसएमए के लागू किए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने राज्य सरकार की आलोचना करते हुए जमकर हमला बोला है।

गुरुवार को पत्रकार वार्ताको संबोधित करते हुए भाजपा नेता दिलीप मल्लिक ने कहा राज्य सरकार ऐसे नियम लागू करके राज्य सरकार स्वास्थ्य कर्मचारियों को डरा धमका रही है। उन्होंने कहा राज्य बाढ़ और चक्रवात जैसी किसी भी तरह की आपात स्थिति से वर्तमान समय में नहीं गुजर रहा है इसलिए स्वास्थ्य सेवा पर ईएसएमए लगाने का अभी कोई औचित्य नहीं हैं।
भाजपा नेता दिलीप मल्लिक ने कहा राज्य सरकार नर्सों, फार्मासिस्टों, पैरामेडिक्स, तकनीशियनों और अन्य तृतीय श्रेणी के विरोध प्रदर्शनों और आंदोलनों पर रोक लगाने के लिए आवश्यक सेवा (रखरखाव) अधिनियम (ईएसएमए) लागू करने के लिए लागू किया है। राज्य सरकार ने इसे लागू कर ये तर्क दिया है कि स्वास्थ्य क्षेत्र में चिकित्सा सेवाएं बाधित न हों। जबकि वर्तमान सम में ऐसी कोई आपातकालीन स्थिति नहीं है।
भाजपा नेता ने कहा कि प्रदेश सरकार का कर्मचारियों को अप्रत्यक्ष धमकी देने का यह तरीका ऐसे समय में सरकार के आंतरिक भय को उजागर करता है जब राज्य भर में स्वास्थ्य सेवा प्रणाली अव्यवस्थित है।
इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि सरकार को डर सता रहा है कि स्वास्थ्य कर्मचारी विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं और ईएसएमए उनके अधिकारों की मांग करने की स्वतंत्रता को दबाने का ये पटनायक सरकार का एक टूल है।
वहीं ओडिशा के कांग्रेस विधासक सुरा राउतराय ने मांग की कि सरकार स्वास्थ्य कर्मचारियों की मांगों को पूरा करे। उन्होंने कहा इन कर्मचारियों को धमकियां देने से कोई फायदा नहीं होगा। वे लोगों को अपनी सेवाएं दे रहे हैं. मैं उनके खिलाफ जबरन ईएसएमए लागू करना बुद्धिमानी नहीं समझता।












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