ओडिशा सरकार ने श्री जगन्नाथ मंदिर अधिनियम में संशोधन के प्रस्ताव को दी मंजूरी, जानें इससे क्या होंगे फायदे
ओडिशा सरकार ने श्री जगन्नाथ मंदिर अधिनियम में संशोधन के प्रस्ताव को दी मंजूरी, जानें इससे क्या होंगे फायदे
भुवनेश्वर, 6 जनवरी: ओडिशा सरकार ने भगवान जगन्नाथ मंदिर की जमीन और संबंधित मुद्दों को बिना बाधा सुलझाने के लिए श्री जगन्नाथ मंदिर अधिनियम-1954 में संशोधन के प्रस्ताव को बुधवार को मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में संशोधन और अध्यादेश के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

फैसले को ''ऐतिहासिक' करार देते हुए राज्य के मुख्य सचिव एससी महापात्र ने कहा कि कानून में आवश्यक बदलाव कर जगन्नज्ञथ मंदिर की व्यवस्था को और सरल बनाया जाएगा।
उन्होंने कहा, ''मौजूदा अधिनियम के तहत प्रक्रिया समय लेने वाली थी और करीब तीन से चार साल लगते थे। इसके अलावा वर्ष 2003 में लागू एकरूपता नीति के तहत पुरी और खुर्दा जिले में हजारों की संख्या में आवेदन राज्य सरकार के समक्ष लंबित हैं। मंत्रिमंडल ने प्रक्रिया का विकेंद्रीकरण कर शीघ्र भूमि अधिकार प्रदान करने का निर्णय लिया है।''
उन्होंने कहा कि इससे उन लोगों की समस्या का समाधान होगा जो करीब चार दशक से मंदिर की जमीन पर रह रहे हैं और इस प्रक्रिया से मंदिर को भी कुछ प्राप्त होगा। कानून मंत्री प्रताप जेना ने कहा कि इस संशोधन से मंदिर की जमीन को लीज पर देने, हस्तांतरित करने और बेचने की अनुमति मिलेगी।












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