इन्वेस्ट राजस्थान समिट से पहले ही लागू होगी नई राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना, जानिए इसके फायदे

जयपुर, 2 जुलाई। राज्य में औद्योगिक निवेश करने वाले निवेशकों के लिए राजस्थान सरकार अक्टूबर तक रियायतों का नया पिटारा खोल सकती हैं। सरकार की मंशा है कि अक्टूबर में होने वाले इन्वेस्ट राजस्थान समिट से पहले ही नई राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना (रिप्स 2022) को लागू कर दिया जाए।

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योजना में पारम्परिक तौर पर दी जाने वाली रियायतों के मदों को भी सरल कर इन्हें सिर्फ कुछ ही मदों तक सीमित किया जा सकता है। उद्योग और वित्त विभाग के स्तर पर प्रारूप तैयार करने का काम शुरू हो गया है। योजना के प्रारूप को और अधिक निवेशक हितैषी बनाने के लिए कन्सल्टेंट की सेवाएं लेने पर भी वित्त विभाग विचार कर रहा है।

जानकार मान रहे हैं कि योजना किसी भी रूप में आए, विनिर्माण और सर्विस श्रेणियों के चुनिंदा थ्रस्ट सेक्टरों में रियायतों का दायरा और बढ़ाया जाएगा। ऐसे में तेजी से बढ़ रहे इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, स्टार्ट अप्स में रियायत बढ़ सकती हैं। इसके अलावा अजा, अजजा तथा पिछड़े और अति पिछड़े क्षेत्रों के लिए भी मौजूदा रियायतों को बढ़ाया जा सकता है।

तीन ही वर्ष में नई योजना

आमतौर पर राज्य सरकारें चार से पांच साल के अंतराल पर नई निवेश प्रोत्साहन योजनाएं लाती रही हैं। इससे पहले 2003, 2010, 2014 और 2019 में सरकार निवेशकों के लिए यह योजनाएं लाईं। लेकिन इस बार तीन वर्ष बाद ही सरकार ने बजट में नई योजना की घोषणा कर दी।

एक हिस्सा फिक्स, शेष पीएलआई

सूत्रों के अनुसार प्रारूप बनाने में जुटी शीर्ष नौकरशाही का एक विचार यह है कि योजना में रियायत के सिर्फ दो ही मद रखे जाएं। इनमें एक हिस्सा अभी दी जा रही सभी रियायतों को जोड़ कर एकीकृत पूंजीगत अनुदान के तौर पर दिया जाए। दूसरा हिस्सा प्रोडक्शन लिंक्ड इन्सेंटिव यानि पीएलआइ के तौर पर हो, जिसमें कुल टर्नओवर पर आधारित रियायत मिले।

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