आंध्र में बीजेपी की विस्तार योजना को झटका, लीडरशिप की कमी से जूझ रही है पार्टी
आंध्र बीजेपी इस समय लीडरशिप की कमी से जूझ रही है। आंध्र प्रदेश इकाई के नेताओं के एक वर्ग ने पार्टी के राज्य प्रमुख सोमू वीराजू को बदलने के विषय पर भी बात की है।

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) आंध्र प्रदेश में अपने विस्तार की रणनीति तैयार कर ली है। पार्टी ने राज्य में अपने विस्तार के लिए महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। लेकिन बीजेपी के ये योजन फेल होती नजर आ रही है। आंध्र बीजेपी इस समय लीडरशिप की कमी से जूझ रही है। स्थानीय नेताओं ने राजनीतिक रूप से प्रभावी जातियों से पार्टी के समर्थन की कमी को रेखांकित किया है।
पार्टी के एक सीनियर नेता ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि, वर्तमान में क्षेत्रीय दलों के लिए एक समर्पित वोट बैंक है। चाहे वह तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) हो या वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी)। भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता और पवन कल्याण की जन सेना पार्टी के समर्थन पर भरोसा कर रही है। लेकिन पार्टी को प्रमुख समुदायों के बीच समर्थन पाने और ऐसे चेहरों को आकर्षित करने की जरूरत है जो वोट खींच सकें।
पदाधिकारी ने कहा कि आंध्र प्रदेश इकाई के नेताओं के एक वर्ग ने पार्टी के राज्य प्रमुख सोमू वीराजू को बदलने के विषय पर भी बात की है। उन्होंने कहा कि, अगर पार्टी को विकल्प के तौर पर खुद को पेश करना है तो जमीन पर ऐसे नेता होने चाहिए जो भीड़ खींच सकें और मतदाताओं में विश्वास जगा सकें।
उन्होंने कहा कि, एक विपक्ष के रूप में हम पीएम आवास योजना के तहत केंद्र और घरों से लोगों को मुफ्त राशन से वंचित करने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाने में सक्षम नहीं रहे हैं। पिछले साल सितंबर में भाजपा ने राज्य के सभी 26 जिलों सदस्यता अभियान चलाया था। वर्तमान में 175 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के पास एक भी विधायक नहीं है, जबकि पिछले विधानसभा चुनावों में उसका वोट शेयर 1% से कम था।












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