झारखंड: गांव हो या शहर,अब हर जगह के किसानों को मिलेगा मुख्यमंत्री सुखाड़ राहत योजना का लाभ

मुख्यमंत्री सुखाड़ राहत योजना के तहत राज्य के हर वैसे किसान को राहत मिलेगी, जो आर्थिक रूप से पूरी तरह कृषि पर निर्भर हैं। इसमें शहर या गांव की कोई बाध्यता नहीं है।

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रांची,9 दिसंबर:मुख्यमंत्री सुखाड़ राहत योजना के तहत राज्य के हर वैसे किसान को राहत मिलेगी, जो आर्थिक रूप से पूरी तरह कृषि पर निर्भर हैं। इसमें शहर या गांव की कोई बाध्यता नहीं है। सिर्फ संबंधित अंचल या प्रखंड को राज्य सरकार के सूखाग्रस्त इलाकाें की सूची में होना जरूरी है। जो किसान आवेदन देंगे, जांच में सही पाये जाने पर उन्हें योजना का लाभ मिलेगा। धनबाद जिला में झरिया अंचल को छोड़ शेष सभी 10 अंचलों के किसान योजना के तहत आवेदन कर सकते हैं। हर किसान को 3500 रुपये मिलेंगे।

धनबाद के अपर समाहर्ता नंदकिशोर गुप्ता कहते हैं, 'सुखाड़ राहत योजना के तहत झरिया को छोड़ शेष सभी अंचलों में आवेदन लिये जा रहे हैं। शहरी या ग्रामीण क्षेत्र की बंदिश नहीं है। जो किसान पूरी तरह खेती पर निर्भर है, इसके लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकता है।' बताते चलें कि झारखंड में इस वर्ष पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण धनरोपनी बहुत कम हो पायी। धनबाद जिला में बहुत बुरा हाल रहा, जबकि यहां के किसानों के लिए धान ही मुख्य फसल है। ज्यादातर स्थानों पर किसान धान की ही खेती करते हैं। राज्य सरकार ने इस वर्ष किसानों को सुखाड़ राहत योजना के तहत आर्थिक राहत देने की घोषणा की है, लेकिन कुछ अंचलों में इसको लेकर मामला फंस गया था। बहुत सारे स्थानों पर यह कह कर किसानों को टाल दिया जा रहा था कि यह नगर पंचायत, नगर परिषद या नगर निगम क्षेत्र है। योजना सिर्फ गांव के लिए है, जबकि सरकार द्वारा जारी संकल्प में स्पष्ट है कि कोई भी किसान योजना के लिए आवेदन कर सकता है।

तीन श्रेणियों में बांटे गये हैं किसान
राज्य की कृषि निदेशक निशा उरांव ने सभी उपायुक्तों को भेजे पत्र में मुख्यमंत्री सुखाड़ राहत योजना के तहत एसओपी के अनुसार सूची तैयार करने को कहा है। इसमें किसानों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। वैसे किसान, जो सुखाड़ से प्रभावित हैं और पहले से खेती करते रहे हैं, लेकिन इस वर्ष बारिश के अभाव में बुआई नहीं कर सके हैं। सुखाड़ से प्रभावित वैसे कृषक, जो पूरी तरह खेती पर निर्भर हैं, इस वर्ष 33 फीसदी से ज्यादा फसल का नुकसान हुआ हो तथा तीसरे वैसे भूमिहीन कृषक मजदूर, जिनकी आजीविका खेती है, से भी आवेदन लेना है। सभी आवेदनों की प्रारंभिक जांच वहां के संबंधित हल्का कर्मचारी करेंगे। फिर सीआइ तथा उसके बाद सीओ के लॉगिन में जायेगा। सीओ से अनुशंसित आवेदनों को एसडीएम मंजूर करेंगे। एसडीएम से मंजूर आवेदनों को ही योजना का लाभ मिलेगा।

धनबाद में 40,737 ने दिया आवेदन
धनबाद जिला में सात दिसंबर तक 40,737 किसान सुखाड़ राहत योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन दे चुके थे। हालांकि आवेदन देने की अंतिम तिथि 30 नवंबर ही थी। वैसे अब भी आवेदन आ रहे हैं। पिछले दो दिनों के दौरान चार हजार से अधिक आवेदन आ चुके हैं।

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