मध्य प्रदेश : दो साल में 51 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव, मध्य प्रदेश में खुले रोजगार के द्वार
भोपाल, 23 मार्च। कोरोना काल में जब आर्थिक गतिविधियां थम सी गई थीं, तब भी मध्य प्रदेश में निवेश बढ़ा। दो साल में 51 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इससे औद्योगिक विकास के द्वार खुले और रोजगार की संभावनाएं बढ़ीं। वहीं, अर्थव्यवस्था को गति देने का माध्यम कृषि क्षेत्र बना है। प्रदेश में रिकार्ड गेहूं, धान, मूंग की खरीदी की गई तो किसानों को सात हजार 618 करोड़ रुपये का फसल बीमा दिलाया गया। अब नर्मदा नदी के दोनों ओर पांच किलोमीटर के दायरे में जैविक खेती को बढ़ावा देने की कार्ययोजना बनाई गई है।

दरअसल, सरकार यह जानती है कि प्रदेश तभी देश के अग्रणी राज्यों में शुमार हो सकता है, जब निवेश बढ़े और औद्योगिक विकास तेजी से हो। इसे ध्यान में रखते हुए निवेश प्रोत्साहन योजना को आकर्षक बनाया गया। 30 दिन में अपना व्यापार शुरू करने के लिए सभी जरूरी अनुमतियां एक ही स्थान पर आनलाइन देने की व्यवस्था बनाई गई। इसका फायदा यह हुआ कि अप्रैल 2020 से जनवरी 2022 के मध्य निवेशकों ने 51 हजार 317 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव दिए।
इनसे तीन लाख 76 हजार 16 व्यक्तियों को रोजगार मिलेगा। कोरोना काल में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान निवेशकों से लगातार संवाद करते रहे। मध्य प्रदेश भी निवेशकों की पसंद बना हुआ था। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम को रोजगार का जरिया बनाया गया। विभिन्न् स्वरोजगार योजनाओं में ऋण स्वीकृत कराकर सवा पांच लाख व्यक्तियों को रोजगार के मौके दिए। अब सरकार की मंशा निर्यात को बढ़ावा देने की है।
बुनियाद को किया बुलंद
सुशासन... सुशासन की स्थापना के लिए सरकार ने कड़े कदम उठाए। शराब, खनिज, चिटफंड, मिलावट, भू-माफिया सहित आदतन अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाया, तो सीएम जनसेवा योजना के तहत नागरिकों को घर बैठे निवासी, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र सहित अन्य सुविधाएं दी जा रही हैं। 60 हजार से अधिक लोग इनका लाभ ले चुके हैं। चिन्हित सेवाओं के डीम्ड अप्रूवल की व्यवस्था लागू की गई है। योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए आपकी सरकार-आपके साथ अभियान भी चलाया है।
अर्थव्यवस्था... कोरोना काल की चुनौतियों के बावजूद सरकार ने वर्ष 2020-21 में प्रदेश की अर्थव्यवस्था में वृद्धि दर्ज की है, जो देश की वृद्धि दर से चार प्रतिशत अधिक है। केंद्र सरकार से जीएसटी क्षतिपूर्ति के बदले कर्ज की सुविधा के रूप में दो साल में 11 हजार करोड़ रुपये मिले। राज्य ने चार सुधार (वन नेशन-वन राशन कार्ड, ईज आफ डूइंग, बिजनेस एवं नगरीय क्षेत्र) कर कर्ज की सीमा राज्य के सकल घरेलू उत्पाद के तीन से बढ़ाकर पांच प्रतिशत करा ली। सरकार ने 10 संपत्तियों का विक्रय किया और 22 पर कार्यवाही चल रही है। इससे डेढ़ हजार करोड़ रुपये मिलेंगे।
स्वास्थ्य... कोरोना पर काबू के लिए आपदा प्रबंधन समिति के गठन का प्रयोग किया। मुख्यमंत्री कोविड योद्धा कल्याण, कोविड उपचार, कोविड अनुकंपा नियुक्ति और कोविड विशेष अनुग्रह योजनाएं शुरू कीं। 13 नए मेडिकल कालेज, 263 नए स्वास्थ्य केंद्र-सिविल अस्पताल निर्माण की मंजूरी, 362 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर खोले, चार पंचकर्म सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल का निर्माण किया, युवा शक्ति-कोरोना मुक्ति अभियान चलाकर 10 लाख युवाओं को कोरोना अनुकूल व्यवहार के लिए तैयार किया। नवजात मृत्यु दर घटकर 29 प्रतिशत, शिशु मृत्यु दर घटकर 41.3 हो गई। संस्थागत जन्म 80.8 से बढ़कर 90.7 प्रतिशत हुआ।
औद्योगिक निवेश... सरकार ने 18 माह में 550 से अधिक औद्योगिक इकाइयों को एक हजार 445 एकड़ भूमि आवंटित की है, जिसमें 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक का पूंजी निवेश और करीब 37 हजार लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। वास्तविक निवेश में 63.6 और प्रस्तावित रोजगार में 38.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। स्टार्ट यूअर बिजनेस इन 30 डेज कार्यक्रम शुरू किया। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देते हुए एक साथ एक हजार 891 उद्योगों का शुभारंभ किया गया। इनमें से 776 स्थापित भी हो चुके हैं।
रोजगार... सरकार ने जिला व विकासखंड स्तर पर मेले लगाकर 70 हजार व 283 कंपनियों में 7600 युवाओं को रोजगार दिलाया। 8 हजार हेक्टेयर में बांस उगाकर दो हजार 200 परिवारों को स्व-रोजगार उपलब्ध कराया। पीएम स्वनिधि योजना के तहत 4 लाख 34 हजार 700 से अधिक शहरी पथ विक्रेताओं को 435 करोड़ और मुख्यमंत्री ग्रामीण पथ विक्रेता योजना में दो लाख 45 हजार विक्रेताओं को 245 करोड़ का ब्याज मुक्त कर्ज दिलाया।












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