पंजाब: अब ऐसे शिक्षकों की खैर नहीं, मान सरकार ने जारी किए निर्देश

जलालाबाद: शिक्षक राजनीतिक गतिविधियों में अपनी पहचान बनाने के लिए लंबे समय से भाग लेते आ रहे हैं। इससे छात्रों के भविष्य से बड़ा खिलवाड़ किया जा रहा था। इसी को ध्यान में रखते हुए गुरुहरसहाए से विधायक व पंजाब के कैबिनेट मंत्री फौजा सिंह सरारी ने पंजाब सरकार के शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों को पत्र जारी कर राजनीतिक गतिविधियों में हिस्सा लेने वाले शिक्षकों की जांच के निर्देश दिए हैं।
कैबिनेट मंत्री द्वारा पत्र जारी करने के बाद डायरैक्टर शिक्षा विभाग पंजाब ने 22 दिसंबर को एक ज्ञापन संख्या 26724/1007 सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को जारी किया है। इसमें बताया गया है कि शिक्षा विभाग से जुड़े कई शिक्षक राजनीतिक गतिविधियों में भाग ले रहे हैं। इससे छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। शिक्षक अपनी ड्यूटी ठीक से नहीं कर रहे हैं, इसलिए उन्होंने विभाग से जांच कराकर संबंधित शिक्षकों के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की सिफारिश की है। पत्र के माध्यम से सभी शिक्षकों को राजनीतिक गतिविधियों में भाग न लेने और अपने कर्तव्यों का पालन पूरी लगन और सही तरीके से करने के निर्देश दिए गए हैं। उल्लेखनीय है कि सरकारों में समय-समय पर कुछ शिक्षक राजनीतिक नेताओं के साथ गहरे संबंध बनाकर अपना वोट बैंक बढ़ाने के लिए पार्टी की ताकत के लिए काम करते थे।
बच्चों के भविष्य को लेकर उठाया गया यह कदम
वहीं इस संबंध में कैबिनेट मंत्री फौजा सिंह सरारी ने कहा कि एक शिक्षक को लोकतंत्र में किसी भी पार्टी को वोट देने का अधिकार है, लेकिन सरकारी नौकरी दौरान स्कूलों से गायब हो जाना और राजनीतिक लोगों के निर्देशों का पालन करना बिल्कुल गलत है। उन्होंने कहा कि बच्चों के भविष्य को लेकर उन्होंने यह कदम इसलिए उठाया है ताकि शिक्षक केवल स्कूलों में तैनात रह कर अपना कर्तव्य निभा सकें।












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