पंद्रह पार्षदों के साथ इमरती मिली ज्योतिरादित्य सिंधिया से, फिर भी बहुमत से दूर
ग्वालियर के डबरा में भाजपा के दो गुटों में राजनीतिक सह मात का खेल खुलेआम खेला जा रहा है। डबरा में नगर पालिका का अध्यक्ष बनाने के लिए दोनों गुट आमने-सामने हैं। आज पूर्व मंत्री इमरती देवी सुमन ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मं
ग्वालियर,3 अगस्त: ग्वालियर के डबरा में भाजपा के दो गुटों में राजनीतिक सह मात का खेल खुलेआम खेला जा रहा है। डबरा में नगर पालिका का अध्यक्ष बनाने के लिए दोनों गुट आमने-सामने हैं। आज पूर्व मंत्री इमरती देवी सुमन ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के समक्ष 15 पार्षदों के साथ पहुंचकर अपना दावा पेश किया है पर दूसरा पक्ष कितने पार्षदों के साथ है।

यह अभी स्पष्ट नहीं है पर बहुमत के आंकड़े के लिए भी 16 सदस्यों की आवश्यकता है यह कौन सा पक्ष हासिल कर पाएगा और डबरा में अपनी नगर सरकार बनाने में सफल होगा। फिलहाल डबरा में चर्चाओं का माहौल गर्म हो चुका है कि कौन सा गुट अपना अध्यक्ष बनाएगा।
बता दें कि तीस सदस्यीय नगर पालिका में भाजपा के 14 पार्षद जीत कर आए हैं तो कांग्रेस के 10 चार निर्दलीय और दो आम आदमी पार्टी के सदस्य हैं। भाजपा को सिर्फ 2 सदस्य बहुमत के आंकड़े के लिए आवश्यक थे और वह भी उन्हें आसानी से मिल जाते क्योंकि जो निर्दलीय जीते हैं उनमें से अधिकांश भाजपा की विचारधारा से जुड़े हुए थे।
गुटबाजी के चलते कांग्रेस से हाथ मिलाने को मजबूर भाजपा
डबरा में भाजपा दो खेमों में बंटी हुई है गृह मंत्री और पूर्व मंत्री दोनों ही के कारण अब दोनों पक्ष अध्यक्ष बनाने के लिए पूरी ताकत से जुटे हुए हैं, फिलहाल जो तस्वीर दिख रही है उसमें इमरती देवी के पास 15 सदस्य मौजूद हैं। जिनमें से वह 6 कांग्रेसियों को भी अपने पक्ष में लाने में सफल रही तो दूसरे पक्ष के पास भाजपा के अधिकांश पार्षद हैं और वह कांग्रेस के चार सदस्यों को भी अपने पक्ष में ला पाया है।
यदि बात निर्दलियों की जाए तो निर्दलियों का आंकड़ा दोनों तरफ बराबर है तो आम आदमी पार्टी का भी यही हाल है। फिलहाल दूसरे पक्ष की तस्वीर सामने नहीं आई है इससे अनुमान लगाए जा रहा है कि दोनों ही पक्ष 15/15 के आंकड़े लिए हैं। अब बात यह आती है कि वह कौन सा सदस्य होगा जो बहुमत के आंकड़े के लिए दोनों पक्षों में से किसी एक के लिए मुनासिब बैठेगा ।
पार्षदों के मान मनोबल का दौर जारी
डबरा में अब पार्षदों को अपने पक्ष में लाने का खेल अब और कसावट के साथ खेला जाएगा क्योंकि दोनों ही पक्ष बहुमत के आंकड़े से एक वोट दूर दिख रहे हैं। यही कारण रहेगा कि एक वोट को मनाने के लिए नेता पूरी ताकत से लग चुके हैं यह तो तय है कि डबरा में इस बार भाजपा का अध्यक्ष बनेगा पर वह किस गुट का होगा यह तो 4 तारीख को ही पता चलेगा।












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