हरियाणा में एक लाख करोड़ के निवेश से निकलेंगे 5 लाख रोजगार, कार्ययोजना तैयार
हरियाणा सरकार ने हरियाणा उद्यम एवं रोजगार नीति के तहत प्रदेश में एक लाख करोड़ के निवेश और दो लाख करोड़ के निर्यात का लक्ष्य रखा है। इस निवेश से राज्य के पांच लाख युवाओं के लिए रोजगार के अवसर मिलेंगे। यह नीति 2020 से लागू है और सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे टारगेट को अचीव करने के लिए गंभीरता से काम करें। साथ ही, एमएसएमई सेक्टर में नये निवेशकों को लाने के लिए भी राज्य सरकार काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर हरियाणा औद्योगिक निवेश की दृष्टि से एक पसंदीदा निवेश गंतव्य स्थल है। अधिक से अधिक निवेशकों को आकर्षित करने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारी ऐसे आवेदनों का निष्पादन निर्धारित समयावधि में करें। संबंधित विभागों के अधिकारी विभिन्न योजनाओं का गहन अध्ययन भी करें ताकि इन योजनाओं को निवेशकों की सुविधा के अनुसार लागू किया जा सकें।
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों के प्रमुखों को अन्तिम तीन माह की प्रदर्शन रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा सभी क्रियाक्लापों को दिन-प्रतिदिन आधार पर निगरानी करने के निर्देश दिए। आत्मनिर्भर अभियान के तहत राज्य सरकार ने केंद्र सरकार द्वारा एमएसएमई में निर्धारित प्रारूप को भी प्रदेश में लागू किया है। इसके तहत सूक्ष्म उद्योगों में निवेश एक करोड़ व टर्नओवर 5 करोड़, लघु उद्योगों में निवेश 10 करोड़ व टर्नओवर 50 करोड़ तथा मध्य उद्योगों में निवेश 50 करोड़ तथा टर्नओवर 250 करोड़ रुपए निर्धारित किया है।
हर घर नल में अम्बाला, फरीदाबाद और रोहतक अग्रणी : हरियाणा के मुख्य सचिव ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा आज जारी जल जीवन सर्वेक्षण 2022-23 के तहत हरियाणा के तीन जिलों अम्बाला, रोहतक और फरीदाबाद को शत प्रतिशत नल कनेक्शन कवरेज में अग्रणी घोषित किया गया है। प्रथम स्थान पर जिला अम्बाला, द्वितीय स्थान पर रोहतक व जिला फरीदाबाद ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है।
युवाओं को उनके इलाकों में ही मिलेंगे रोजगार
मुख्य सचिव संजीव कौशल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि युवाओं को स्थानीय स्तर पर कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें अपने क्षेत्र व राज्य में ही नौकरी के अवसर मिल सकें। साथ ही, राजकीय आईटीआई में अल्पकालीन कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम भी प्रारंभ किए जाने चाहिए, ताकि आधारभूत ढांचा व उपकरणों का संपूर्ण उपयोग सुनिश्चित हो सके, जिससे राजस्व सृजन में भी सहायता मिलेगी। मुख्य सचिव सोमवार को चंडीगढ़ में राज्य में की जा रही कौशल विकास पहलों की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। कौशल ने संबंधित प्रतिनिधियों व अधिकारियों को प्रदेशभर में कौशल विकास केंद्रों में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले छात्रों का वार्षिक लक्ष्य निर्धारित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि आईटीआई प्रशिक्षुओं के संचार कौशल में सुधार के लिए सॉफ्ट स्किल प्रशिक्षण कार्यक्रमों को भी शामिल किया जाए।












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